गढ़वा : रेफरल अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात बच्चा को कचरे के आंग के गोल्फ में फेंकने प्रकरण के मामला पकड़ा तुल
नूतन टीवी खबर का असर:थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 6निवासी हरि किशोर विश्वकर्मा की पुत्री मधु देवी 22 वर्ष जो पलामू जिला के राजहरा के लहलहे गांव की है, जो अपने मैके नंप क्षेत्र के वार्ड नंबर 6 के लोहार पुरवा गांव आई थी ।जिसे प्रथम प्रशव के लिए शनिवार को रेफरल अस्पताल में लगभग 3बजे भर्ती कराई गई थी, जिसमें एक बच्चे की जन्म दी। एएनएम एवं जीएनएम तथा दाई के द्वारा उस बच्चे को मृत बताया गया एवं बिना कुछ परिजन को जानकारी दिए ही कहा गया कि बच्चा मृत था ,इतना सुन परिजन बचा को बिना देखे ही उसे दफनाने के लिए कपड़ा लेने चले गए बाजार, आने के बाद आनन-फानन में जीएनएम निर्मला कुमारी एवं अनुबंध पर कार्यरत नसॅ मंजू कुमारी तथा दैनिक कार्य करने वाली दाई दौलत कुअंर के द्वारा मिलकर अस्पताल परिसर में बना हुआ 12 फीट गड्ढा गोल्फ जिसमें कचरे जल रहे गोल्फ में बच्चा को डाल दिया गया।
परिजन कपड़ा लेकर जब लौटे तो बच्चा को नहीं पाए खोजने लगे ,इस दौरान पूछने पर दाई दौलत कुंवर ने बताई की बच्चा को जलाए जा रहे कचरे के गोल्फ में डाल दिए। इसके बाद नवजात शिशु के नाना हरीकिशोर विश्वकर्मा ने बताया कि मेरा नाती जीवित जन्म लिया था या मृत हम लोग को जानकारी नहीं दी गई, और इस तरह के मानवता को शर्मसार करने वाली दोनो नसॅ एवं दाईं के द्वारा उसे आग के कचरे में डाल दिया गया। जिसे परिजनों के द्वारा अस्पताल प्रबंधन एवं नसॅ ,दाई एवं चिकित्सक पर घोर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर बवाल काटा।यह समाचार नूतन टीवी के द्वारा प्राथमिकता के साथ स्थान दी है। जिसका असर अनुमंडल पदाधिकारी राज महेश्वरम जांच करने रेफरल अस्पताल पहुंचे जहां पर बच्चा को गोल्फ में डाला गया था ,उसकी जांच करते हुए अस्पताल प्रभारी डॉ गोविंद सेठ,से पुछताछ किया ।
उस दौरान डा:मनिषा कुमार सिंह , वीर प्रताप सिंह, थाना प्रभारी कमलेश कुमार महतो ,पुलिस इंस्पेक्टर राजीव कुमार भी थे दोनो नसॅ एवं दाईं को बुलाकर एसडीओ के द्वारा पूछताछ किया गया। जिसमें दाईं दौलत के द्वारा बताया गया कि नर्स निर्मला देवी एवं मंजू देवी के कहने पर हमने वह तो बच्चे को उस गोल्फ में डाला था। दोनों नर्सों के द्वारा पूछताछ के दौरान एसडीओ को भी दिग्भ्रमित करने वाली बातें बताई तथा उक्त महिला मरीज के भर्ती वाले रजिस्टर में छेड़छाड़ का मामला सामने आया। जिसे उक्त तीनों के कड़ी फटकार लगाते हुए एसडीओ ने निर्मला कुमारी से पूछा कि क्या जन्म लिए शिशु के परिजन को जानकारी मिली कि उसका बच्चा मृत है या जीवित निर्मला ने जवाब में बतायीं कि शिशु की मां बेहोश थी इस पर कड़ी फटकार लगाते हुए एसडीओ ने कहा कि उसके पिता थे? उनको क्यों नहीं जानकारी दी गई बिना जानकारी के आनन-फानन में क्यों बच्चे के शव को आग के हवाले किया गया।
क्या मजबूरी थी कि ऐसा शर्मसार करने वाली एक महिला होकर एक मासूम बचा के शव के साथ ऐसा घिनौना हरकत की ,?इस पर एन एम के द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया, निर्देशानुसार अस्पताल प्रभारी डॉ गोविंद प्रसाद सेठ के द्वारा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई उसमें जीएनएम निर्मला देवी, एएनएम मंजू कुमारी एवं दाई दौलत कुअंर का नाम शामिल है। तथा अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देशानुसार तीनों को महिला पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया। एसडीओ के द्वारा उक्त दोनों एएनएम एवं दाई को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रसव के लिए आए महिला मधु देवी का की गई पंजीकृत रजिस्टर को भी जांच की, जिसमें उन्हें कई त्रुटियां मिली । बताते चलें कि जीएनएम निर्मला कुमारी के द्वारा यह कोई नई हरकत नहीं है बल्कि 5 साल पूर्व कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के अविवाहित एक छात्रा के द्वारा एक स्वास्थ्य बच्चे को जन्म दी थी, उस समय भीनसॅ निर्मला के द्वारा रजिस्टर में छेड़छाड़ करते हुए उस बच्चा को यह कहते हुए गायब कर दी थी कि वह मेरा बच्चा जन्म लिया है।
जिसे जांच- पड़ताल में जिला जिले के सीडब्ल्यूसी गढ़वा एवं रांची तथा नई दिल्ली की टीम भी जांच करने के बाद उक्त नर्स को दोषी पाया गया था ,जिसे इसे लगभग 2 साल की जेल की सजा भी काटी है। तथा फिर पुण: उक्त नर्स के द्वारा उसे पुनरावृति किया गया।
की दर्जनों समूह की महिलाओं ने समूह के अधिकारियों के अलावे बुका गांव निवासी ललिता देवी पति जितेंद्र यादव पर समूह ऋण के लाखों रुपये निकासी करके फरार हो जाने का आरोप लगाते हुए रविवार को थाना में आवेदन दिया है।
आवेदन में समूह की सविता,लीलावत,नीलम,पार्वती,संगीता,विमला,भानु,अनिता,शोभा,आरती,वीणा,,सरिता,बतरिया, हीरा,पुना,अनिता,शीला,मीना,कुसुम,शान्तिमणि, कुमारी,ललिता,सरिता,प्रमिला,मीरा,तेजमणियां देवी आदि ने आवेदन में उल्लेख किया है कि समूह के अधिकारियों और गांव की ललिता देवी द्वारा लगभग आधा दर्जन समूह बैक के समूहों से लाखों रुपये निकासी करवाकर और लोन कार्ड भी अपने साथ लेकर फरार हो गये हैं।
सभी ने कहा कि उनका फर्जी आधार कार्ड और फर्जी फोटो लगाकर लोन निकलवाया गया है। ललिता देवी भी खुद लोनधारक है।जब लोन नहीं भराने लगा तब पैसा गबन होने की शंका हुई,तब हमसभी थाना शिकायत करने पहुंचे। आवेदन के आलोक में पुलिस पड़ताल में जुट गई है।
-भगवान सूर्य की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा
श्री बंशीधर नगर - विश्व विख्यात श्री बंशीधर मंदिर के सटे बांकी नदी के तट पर स्थित अतिप्राचीन सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य का विशाल प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा बाबा बंशीधर मंदिर सूर्य मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आगामी 14 जून दिन बुधवार को किया जाएगा. इसकी जानकारी देते हुए सूर्य मंदिर ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी राजेश प्रताप देव ने बताया कि आगामी 12 जून दिन सोमवार की सुबह 7 बजे से सूर्य मंदिर परिसर से कलश यात्रा निकाली जाएगी. भगवान सूर्य के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तीन दिनों तक विधिवत पूजा अर्चना किया जाएगा. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से आ रहे विद्वान ब्राह्मण आचार्यों के द्वारा भगवान सूर्य का प्राण प्रतिष्ठा कराया जाएगा. वही आगामी 14 जून को विशाल भंडारा का आयोजन किया गया है. उन्होंने भगवान के प्राण प्रतिष्ठा एवं भंडारे में अधिक से अधिक लोगों को भाग लेने की अपील किया है. इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में बंशीधर सूर्य मंदिर ट्रस्ट के हजारी प्रसाद, जयप्रकाश नारायण, वीरेंद्र प्रसाद कमलापुरी, मनदीप प्रसाद कमलापुरी, नागेंद्र प्रसाद, राजन कुमार, नंदू लाल, सुजीत लाल अग्रवाल, अनिल प्रसाद, सुरेश विश्वकर्मा सहित अन्य लोग अपनी भागीदारी निभा रहे
मुख्य पशु तस्कर को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल :
थाना क्षेत्र के घुरुआ गांव निवासी सह मुख्य पशु तस्कर आरोपी तमीज खां लगभग 55 वर्ष को रविवार को गिरफ्तार कर गढ़वा जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी कमलेश कुमार महतो ने बताया कि थाना कांड संख्या 53/23 के मुख्य अभियुक्त तलसबरीया पंचायत के गुरुवा निवासी शेख तमीज खान को गिरफ्तार करते हुए पशु तस्कररी के नामजद अभियुक्त तमीज खान को गढ़वा जेल भेज दिया गया। बताते चलें कि 19 मई की देर शाम मझिआंव प्रखंड क्षेत्र एवं नगर पंचायत क्षेत्र के आर एस एस सदस्यों के द्वारा राधा कृष्ण मंदिर के सामने कोयल नदी किनारे से 19 मवेशियों को 4 तस्करों के द्वारा ले जाने के दौरान पकड़ा गया था। उस दौरान मुख्य पशु तस्कर तमीज खान भागने में सफल हो गया था। वहीं दूसरे दिन पुलिस के द्वारा दामोदर यादव, महेश्वर रजवार, शंकर राम एवं वाहिद आलम सभी चारों पशु तस्कर को कांड संख्या 53/23 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था ,और सभी पशुओं को ग्रामीणों के बीच वितरण कर दिया गया था।
अवैध रूप से बालू की धुलाई जारी प्रशासन मौन :
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नई दिल्ली एवं पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश का भी नहीं हो रहा है पालन- जिला खनन विभाग के पदाधिकारी के द्वारा रोक के बावजूद भी प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीन रवैया के कारण मझिआंव थाना क्षेत्र के प्रतिबंधित कोयल नदी एवं बांकी नदी से बालू का अवैध उत्खनन का सिलसिला जारी है।जिसके कारण नदियों का अस्तित्व खतरे में है। यदि अवैध बालू उठाव पर अविलंब जल्द रोक नहीं लगाया गया तो ,नदी बिना बालू के हो जाएगा। रात में ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की ढुलाई अवैध रूप से धड़ल्ले से जारी है। ऐसा लग रहा है मानो बालू पर से प्रतिबंध सरकार हटा ली है ,रात्रि के लगभग 8:00 बजे से लेकर सुबह के लगभग 7:00 बजे तक अवैध बालू धड़ल्ले से सैकड़ों ट्रैक्टरों से ढूलाई जारी है।
इस कार्य में कुछ स्थानीय लोग भी सम्मिलित है। रात्रि में ट्रैक्टरों की आवाज से लोगों की नींद हराम हो रही है। लोग सोने नहीं पा रहे हैं। ट्रैक्टर मुख्य सड़कों के साथ -साथ गांव और मुहल्लों के कच्ची सड़को से होकर गुजरते रहते हैं। इस अवैध बालू से प्रतिदिन सरकार को लाखों रुपए की राजस्व की छती हो रही है,लेकिन विडंबना यह है कि प्रखंड के प्रशासनिक पदाधिकारीयों, एवं जिला के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। इधर इस संबंध में मझिआंव जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा किअवैध बालु का उठाव चोरी से धड़ल्ले से हो रहा है ,और यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। राज सरकार के द्वारा पंचायतीय अधिकार के तहत तीन पंचायतो मे बालू घाट चालू करवाया गया था ,जिसमें खरसोता पंचायत,तलशबरिया पंचायत एवं बोदरा पंचायत का नाम शामिल है।
जो बामुश्किल से 10 दिन इस पंचायत में बालु की ढुलाई 100रूपये के चलान पर पीएम आवास के लिए बालु देना था , परन्तु अब बंद हो गया । सरकार के द्वारा 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक बालू घाट का ढुलाई पर प्रतिबंध रखने का निर्देश दिया गया है, परंतु उस नियम को ताक पर रखते हुए रात -दिन अवैध रूप से बालु ढुलाई जारी है।लेकिन प्रखंड क्षेत्र में सरकारी जो घाट खोला गया है,सरकारी घाट से केवल चार गाड़ी ही बालू उठाव किया गया है। बाकी सभी संबंधित नदियों से अवैध रूप से बालू की धुलाई जारी है।इधर प्रखंड उप प्रमुख प्रतिनिधि फुलेश्वर राम ने कि कहा सच्चाई है कि पुलिस- प्रशासन के मिलीभगत से बालू का अवैध बालू का उठाव किया जा रहा है। जो पंचायत स्तरीय बालू घाट हुआ वह दिखावे के लिए हुआ 10 दिन के लिए चालू हुआ था ।
एवं सरकार के पत्र के निर्देश के अनुसार 10जुन से लेकर 15 अक्टूबर तक बालु उठाव पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी धड़ल्ले से अवैध रूप से बालू की धुलाई की जा रही है। अवैध बालू उठाव करवाकर पैसा का उगाही प्रशासन के मिली भगत से किया जा रहा है। एवं और बालू माफिया के बिचौलिया गिरी के कारण यह सब कार्य हो रहा है।