गढ़वा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मंजुल शुक्ल ने झारखंड रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) के गठन का फैसला का स्वागत करते हुए कहा कि एनआरए के इस ऐतिहासिक फैसले से करोड़ों युवाओं को मदद मिलेगी
श्री शुक्ल ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जो सरकारी भर्ती में एक प्रगतिशील बदलाव है। एनआरए सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में गैर-राजपत्रित पदों जो की ग्रुप-बी, ग्रुप-सी सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) आयोजित करेगा। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन टेस्ट आदि द्वारा आयोजित परीक्षा की जगह लेगी।
देश भर में होने वाली अलग अलग प्रतियोगी परीक्षा के स्थान पर एक ही परीक्षा का आयोजन होगा जिसके आधार पर सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी।