गढ़वा :
स्वामी विवेकानंद का होना सिर्फ एक व्यक्ति का होना नहीं है। बल्कि वह एक जीवनधारा का, जीवन शैली का नामरूप है। उन्होंने दरिद्रनारायण की सेवा की और भारत भक्ति को ही अपने जीवन का आदि और अंत मान भी लिया और जीने के लिए आज भी करोड़ों युवाओं को रास्ता भी दिखा दिया।
स्वामी जी की वो बात हमें हमेशा याद रखनी होगी, जब वो कहते थे कि अगर मुझे 100 ऊर्जावान युवा मिल जाए तो मैं भारत को बदल दूंगा। स्वामी जी ने कभी यह नहीं कहा कि मुझे 100 लोग मिल जाएंगे तो मैं यह बन जाऊंगा। मुझे देश के नौजवानों पर पूरा भरोसा है। देश की युवा शक्ति व ऊर्जा पर पूरा भरोसा है, देश के सपने में अगर कहीं निवास करते हैं तो देश के युवा हृदय में करते हैं। भारत की युवा में ये सामर्थ्य है कि वह जहां भी गया है अपना और देश का नाम रोशन किया है।
विदेशों में आज बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ भारत के हैं। क्या यह हमारे लिए गर्व का विषय नहीं है। आइए हम सभी मिलकर देश के नौजवान मिलकर परिश्रम की पराकाष्ठा करें अपनी उर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं और एक नया भारत बनाएं।