केतार : केतार प्रखंड के छाताकुण्ड गांव में तेंदुए के हमले में एक नीलगाय कि मौत हो गई है. इस बार तेंदुए ने नगर उंटारी अनुमंडल के केतार थाना क्षेत्र के छाताकुण्ड में एक नीलगाय को अपना निवाला बना रहा था लेकिन असफल रहा।

जिससे नीलगाय छाताकुण्ड गावं में आकर अपना दम तोड़ दी. इन घटनाओं से जंगलवर्ती इलाकों के लोग भारी दहशत में हैं।
छाताकुंड में हुई घटना के बारे में बताया गया कि छाताकुण्ड गांव के शिरीडिह टोला निवासी रामअवध प्रजापति के घर के सामने बीती रात्रि अचानक जोर-जोर से शोर होने लगा. इसी दौरान तेंदुए ने अचानक एक नीलगाय पर हमला किया था इसकी पुष्टि स्थानीय ग्रामीण ने मृत नीलगाय की गर्दन पर निशान देखकर कि है क्योंकि पास पडोस के घर और गांव के लोग डर के मारे घर से बाहर नहीं निकले | कुछ देर बाद तेंदुआ ने जंगल की ओर भाग गया. तेंदुआ निलगाय को छोड़कर तो भाग गया पर उसकी बुरी तरह जख्मी होने के कारण उसने तत्काल दम तोड़ दिया।
*तेंदुआ के आतंक से लोगों में दहशत की माहौल*
गौरतलब है कि घटना आज केतार थाना क्षेत्र के छाताकुण्ड गांव की है जहाँ एक नीलगाय को तेंदुए ने बीती रात हमला किया था लेकिन जान बचाते हुए निलगाय ने छाताकुण्ड गावं मे घुसा था लेकिन गहरी हमला करने की वजह से उसकी मौत हो गई जिसकी सूचना मुखिया मुन्नी देवी को दी गई उक्त स्थल पर पहुंचते ही मुन्नी देवी ने इसकी सूचना केतार थाना प्रभारी संतोष कुमार रवि को को दी | जानकारी के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए अपने दल बल के साथ स्थल पर पहुंच जायजा लिया जिसमे उक्त स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी संतोष कुमार रवि ने इसकी सूचना वन विभाग को दी और जनता से अपील की कहा की आम लोगों को भी पूरी सतर्कता बरतनी होगी. खासकर महिलाएं घर से बाहर समूह में निकलें और बच्चों को अकेला न छोड़ें. सुबह और शाम तेंदुआ के चरम गतिविधि का समय होता है. इसलिए इस वक्त घर से बाहर कम से कम चार-पांच व्यस्क व्यक्तियों के समूह में निकलें. वन क्षेत्रों में किसी जंगली जानवर के दिखने पर उसका पीछा न करें या उसके पास जाने की कोशिश न करें. मवेशियों को जंगल या फसल के खेतों के पास चारागाह में ले जाने के समय कम-से-कम चार-पांच व्यस्क व्यक्तियों के समूह में जाएं. मवेशियों के गले में घंटी या अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरण का प्रयोग करें. वन क्षेत्रों या झाड़ीनुमा क्षेत्रों में शाम या सुबह के समय शौच के लिए बाहर न निकलें. अपने घरों के आसपास रसोई का कचरा जमा न करें, क्योंकि यह आवारा कुत्तों को उस स्थान पर आमंत्रित करता है, जो बदले में तेंदुए की आवाजाही की संभावना बनाता है. घरों के पास की झाड़ी साफ रखें एवं घर के बाहर एवं गलियों में प्रकाश की व्यवस्था रखें. नशे की हालत में घर से बाहर नहीं निकले।
*क्या कहते है वन के अधिकारी*
इस घटना से आस-पास के लोगों में भय का माहौल बन गया है. थाना प्रभारी संतोष कुमार रवि ने घटना की सूचना वन विभाग पदाधिकारी को दी है लोग तेंदुए के आतंक से निजात के लिए वन विभाग एवं प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं. वन विभाग की टीम गांव में पहुच मामले की जाचं कर रही हैं. वन रक्षक निशान्त कुमार ने बताया की घटना की फोटो, वीडियो के साथ सूचना वरीय पदाधिकारी को दी गई है पुष्टि होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता।