गढ़वा :
गढ़वा सीबीएसई नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त ज्ञान निकेतन कॉन्वेंट 10 +2 स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन प्रदान कराने वाला गढ़वा जिला का एक प्रतिष्ठित विद्यालय है। यह विद्यालय वर्ष 19 92 से ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवा प्रदान करते आ रहा है।
इस स्कूल से पास आउट बच्चे निकलकर वर्तमान समय विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहे हैं। इसक्रम में यहां के छात्र मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी बैंकिंग एवं प्रशासनिक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे हैं। उक्त बातें ज्ञान निकेतन कान्वेंट 10+2 स्कूल के निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि विद्या धन सर्व धनं प्रधानम और ओपन माइंड का वैचारिक लक्ष्य लेकर बच्चों के अंदर शिक्षा, अनुशासन एवं संस्कार भरने का लगातार प्रयास विद्यालय प्रबंधन द्वारा किया जाता रहा है।
जहां विद्वान और कड़ी मेहनत करने वाले शिक्षकों की एक टीम है। जो बच्चों और उनके स्वर्णिम भविष्य को संवारने और निखारने में लगे रहते हैं। मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2023 -24 के लिए कक्षा जूनियर के केजी वर्ग से लेकर नवम वर्ग तक के नामांकन के लिए आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। सभी कक्षाओं के लिए सीमित सीटें आरक्षित है। पंजीयन जारी है। छात्र चयन के लिए प्रवेश परीक्षा अर्थात बौद्धिक जांच परीक्षा आयोजित होगी। आगामी सत्र से टीवी अर्थात डिजिटल सिस्टम के माध्यम से शिक्षा प्रदान किया जाएगा। जूनियर कक्षा में छात्र-छात्राओं की अधिकतम संख्या 30 होगी। नामांकन के समय छात्र-छात्राओं का मेंटल जांच के साथ-साथ पेरेंट्स का भी इंटरव्यू होगा।
ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आरटीआई से मान्यता प्राप्त नि:शुल्क नामांकन प्रवेश कक्षा प्रथम में 25 प्रतिशत सीट पर अभिवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन होगा। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय सभी आधुनिक सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में स्मार्ट क्लास, इनडोर आउटडोर, ऑल स्पोर्ट्स, नृत्य, संगीत, कंप्यूटर शिक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, क्वीज आदि की विशेष सुविधा प्रदान किया जाता है। वहीं दूर-दराज से आने जाने के लिए छात्रों की सुविधा को लेकर बस सेवा भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय का बोर्ड परीक्षा में उत्तम रिजल्ट विशेष आकर्षण रहता है।
उन्होंने कहा कि यहां नैतिक शिक्षा और संस्कार युक्त वातावरण पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कौशल विकास की क्षमता बढ़ाने के तहत हमेशा विद्यालय प्रबंधन की ओर से क्रिएटिविटी पूरे वर्ष कराई जाती है। ताकि छात्रों का सर्वागीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि जूनियर केजी में नामांकन साढ़े तीन वर्ष में ही होगा। ताकि बच्चे समय पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।