गढ़वा :
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरी के पूजा अर्चना के साथ किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार उपस्थित थे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि आज पूरा समाज पुरानी सभ्यता और संस्कृति को भूलते जा रहे हैं

जिसका नतीजा भी उनको देखने को मिल रहा है उन्होंने कहा कि आज दूसरे का नकल कर खुद के सभ्यता के भूलने की नतीजा है कि लोग और स्वस्थ हो रहे हैं उन्होंने कहा कि सुबह उठना और उठकर टहलना हमारी परंपरा है पहले के लोग सूरज के निकलने से पहले उठ कर अपनी सारी नित क्रियाएं कर खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे थे घर का बनाया हुआ भोजन का ग्रहण करना लोगों की सुरक्षा का कारण बनता था सिविल सर्जन ने कहा कि लोग अपनी लापरवाही के कारण खुद ही साथ के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं घर के आसपास गंदगी को एक ना जंगल को काट देना सुबह देर तक उठना लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है जिसका नतीजा है कि आज लोग तेजी से आगे जाने के बजाए 10 साल पीछे चले गए हैं उन्होंने कहा कि खुद को ऐसा ना करें जिससे आपकी सेहत पर असर पड़े और आप परेशान रहे।
आयुष चिकित्सक डॉक्टर लाल मोहन ने कहा कि आयुष पद्धति बहुत पुरानी पद्धति है आज भले ही लोग एलोपैथ आयुष विभिन्न तरह की बातें करें लेकिन सभी चीजें आयुष के ही उपज हैं उन्होंने कहा कि लोग अपना स्वास्थ्य खुद से भी ठीक कर सकते हैं बशर्ते उन्हें पुरानी सभ्यता और संस्कृति का पालन करना होगा खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा उठने बैठने के तौर तरीके को बदलने होंगे तभी वह खुद को स्वस्थ कर सकते हैं मौके पर आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कृष्ण कुमार, नीमा के पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, पतंजलि केसरी, डॉ राकेश कुमार गुप्ता, डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ अभिजीत विश्वास डॉ जे पी ठाकुर सहित सभी आयुष चिकित्सक उपस्थित थे।