भवनाथपुर :भवनाथपुर गढ़वा प्रखंड में विश्वव्यापी कोरोना महामारी पर भारी पड़ी आस्था क्षेत्र के सरैया गांव के कुशमनी जंगल मे मंगलवार नवमी को एक महिला को एक वर्षो से लगातार आ रही स्वपन में शिवजी की पथर की मूर्ति खुदाई कर मिली है। इसकी जानकारी मिलते ही। वहाँ देखने व पूजा के लिए जंगल में गांव के सैकड़ों महिला पुरूष व बच्चों का तांता लगा हुआ है। जहां लोग आस्था में शारीरिक दूरी व मास्क लगाना भी भूल गए है।
बताते चलें कि भवनाथपुर प्रखंड क्षेत्र के सरैया गांव निवासी महावीर साव के पुत्र प्रभाष साव की पत्नी पानपती देवी उम्र 38 वर्ष को एक वर्षो से स्वपन में गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर कुशमनी जंगल में एक नदी के बीच शिव की मूर्ति दिखाई देती थी।
जिसे कहा जा रहा था कि तुम मेरी भक्त हो और हमे यहां से बाहर निकालो।इसकी चर्चा पानपती अपने परिवार में करती थी पर लोग उसे मन का भ्रम बता कर भूलने की बात करते रहते थे। पर मंगलवार नवमी पूजा के दिन महिला घर मे पूजा के बाद अपने बड़ी गोतनी से बोली कि मैं जंगल से बकरी चराकर आ रही हूं।सुबह सात बजे करीब महिला जंगल के नदी पहुंच कर स्वप्न वाली जगह पर खुदाई की जहां उसे एक काले पथर का शिवलिंग मिला जिसमे आदमी के तरह नाक मुंह व कान साफ दिखाई दे रहा था।इसके बाद उसने अपने पति सुभाष साव सशूर महाबीर साव को इसकी सूचना दी। इसके बाद कुछ ग्रामीण के साथ लोग पहुंच कर मूर्ति को वन्ही बगल में स्थापित कर दिया। महिला के कथनानुसार अगले नौ दिन के बाद शीतला मां की भी प्रतिमा कहीं आस पास ही मिलेगी ऐसा उसने स्वप्न में देखा है फिर इस बात की खबर आग की तरह गांव में फैल गई।
जहां पहुँचने के लिए एक जंगली पगडंडी के सहारे सैकड़ो लोग बाइक व पैदल पहुंच कर पूजा पाठ कर रहे है और आगामी नौ दिनों तक 24 घण्टे वहाँ लोग रहेंगे। इसके बाद उक्त परिवार के साथ ग्रामीण भी वहाँ जमे हुए हैं।
परन्तु इस बीच वहाँ जो देखने को मिला वहाँ पर लगी भीड़ में महिला पुरुष या बच्चे बिना मास्क व शारीरिक दूरी का पालन किये भीड़ लगाए हुए हैं, जो कोरोना जैसी महामारी में घातक हो सकता है हालांकि स्थानीय प्रसाशन को अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है।