समाहरणालय गढ़वा :
निदेशक, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस, भारत सरकार- सह- केन्द्रीय प्रभारी, नीति आयोग, श्री केशव चंद्रा गढ़वा पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र भ्रमण कर आज आकांक्षी जिला प्रोग्राम के तहत नीति आयोग के सूचकांको की समीक्षा की तथा उसके तहत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण भी किया। मौके पर उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा श्री राज महेश्वरम अनुमंडल समेत जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

श्री चंद्रा ने के द्वारा मुख्य रूप से सदर अस्पताल गढ़वा, गोविंद प्लस टू उच्च विद्यालय गढ़वा, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, नवादा मोड, गढ़वा, जिले के डंडा प्रखंड में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, करुवा कला निवासी प्रगतिशील किसान बृजेश कुमार तिवारी के द्वारा की गई फूल की खेती व कृषि विभाग के तहत उन्हें देय लाभ का निरीक्षण तथा मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र जाटा का निरीक्षण किया गया और पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
*जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की-:*
निरीक्षण के पश्चात निदेशक, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस, भारत सरकार- सह- केन्द्रीय प्रभारी, नीति आयोग, श्री केशव चंद्रा ने उपायुक्त श्री रमेश घोलप समेत जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समाहरणालय के सभागार में बैठक भी की जहां उन्होंने नीति आयोग से संबंधित इंडिकेटर तथा आयोग से प्राप्त राशि से स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा की और अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। श्री चंद्रा ने मुख्य रूप से नीति आयोग के सूचकांकों जैसे कि स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, बेसिक इन्फ्राट्रक्चर व कौशल विकास संबंधी विषयों पर चर्चा की तथा इसमें सुधार को लेकर उपस्थित पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में उन्होंने विशेषकर प्रथम तिमाही में एएनसी रजिस्ट्रेशन व इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी संबंधी सूचकांक में सुधार करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े बिंदुओं तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। मौके पर उपायुक्त ने बताया कि *जिले में प्रखंड, पंचायत और फिर ग्राम स्तर पर मॉनिटरिंग हेतु प्लान तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों के तहत किए गए कार्यों पर गहनता से निगरानी रखी जाएगी। मॉनिटरिंग के आधार पर प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार उक्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, तथा कौशल विकास समेत अन्य से संबंधित योजनाओं को और वृहद स्तर पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की ओर कार्य किया जाएगा*।
समीक्षा की कड़ी में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के तहत कुल 119 सब सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में कन्वर्ट किया जाएगा। जिसमें से अब तक 65 सेंटर कन्वर्ट किए जा चुके हैं। सीएचओ तथा बिल्डिंग की कमी समेत अन्य अर्हता को पूरा नहीं कर पाने के कारण शेष कार्य पूर्ण नहीं हो सका है, जिसे इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण करने की ओर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नीति आयोग के सूचकांकों के तहत शिक्षा विभाग के कार्यो की भी समीक्षा की गई जिसमें प्राइमरी से अपर प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी से सेकेंडरी कक्षाओं में ट्रांजिशन रेट के प्रतिशत में सुधार करने तथा छात्र छात्राओं के स्कूल ड्रॉपआउट के संदर्भ में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
निदेशक श्री चंद्रा ने कहा कि जागरूकता अभियान के तहत बच्चों तथा उनके अभिभावकों को प्रेरित करते हुए अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ें साथ ही बच्चों की आवश्यकताओं के मद्देनजर स्कूल में सभी मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाए।
कृषि विभाग की समीक्षा की कड़ी में जिला कृषि पदाधिकारी को माइक्रो इरिगेशन के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया गया। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि *माइक्रो इरिगेशन हेतु जिले को 365 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त था जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, उसे जल्द ही पूरा भी कर लिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष के लिए जिला प्रशासन की ओर से लक्ष्य को बढ़ाकर लगभग 1000 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा ताकि हम जिले के अधिक से अधिक किसानों को ड्रिप व स्प्रिंकलर से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करा सके।
जिले के हर क्षेत्र के किसानों को समानता के साथ इसका लाभ मिल सके इस उद्देश्य से उपायुक्त कृषि यंत्रों के अधिष्ठापन हेतु चयनित कुल 5 एजेंसियों के साथ बैठक भी करेंगे*। बैठक में एनिमल वैक्सीनेशन और मृदा हेल्थ कार्ड को लेकर भी पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। वहीं बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिकेटर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे आवास की ससमय पूर्णता की समीक्षा की गई । फाइनेंशियल इंक्लूजन एवं कौशल विकास सूचकांक के तहत जिला कौशल विकास पदाधिकारी को जिले में ग्रामीण स्तर पर सर्वे कराते हुए, लोगों की आवश्यकता के अनुरूप उन्हें छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ने हेतु स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग करवाने का निर्देश दिया गया।
इस पर एक निश्चित प्लानिंग के तहत कार्य करने की बात कही गई ताकि अधिक से अधिक जिले वासियों को छोटी-छोटी ट्रेनिंग के माध्यम से स्वरोजगार हेतु प्रेरित किया जा सके।
श्री चंद्रा ने कहा कि *नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों की समीक्षा के क्रम में यह निश्चित तौर पर पाया गया है कि जिले के द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है और इससे काफी हद तक जरूरतमंद लोग लाभान्वित भी हो रहे हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर निश्चित प्लानिंग के तहत कार्य करते हुए इसमें और सुधार करने* की बात कही।
बैठक में डायरेक्टर श्री केशव चंद्रा व उपायुक्त श्री रमेश घोलप के अलावा उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर, सिविल सर्जन, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता आरईओ, कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम गढ़वा, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गढ़वा, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कौशल विकास पदाधिकारी, पिरामल फाउंडेशन डिस्ट्रिक्ट लीड कृष्णा, गांधी फेलो प्रियंका एवं जयंती समेत अन्य उपस्थित थे।