रमना :
रमना बजार के मध्य से गुजरी एनएच 75 सड़क की तस्वीर है |सड़क पर वाहनों के लगातार आवाजाही से उड़ती धुल से बेहाल और बीमार हो रहे हैं लोग |
वैसे तो एनएच 75(एनएन 39 झांसी से भुवनेश्वर ) उन्नति की बड़ी लंबी राह है| कहते हैं किसी देश और राज्य के उन्नति में सड़क सबसे बड़ा सहायक होता है| परन्तु लोग यहाँ खराब सड़क के कारण बीमार हो रहे हैं।
झारखंड को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सड़क एनएच 75 इन दिनों मध्य विद्यालय सिलीदाग-एक से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक अपनी सबसे बदहाल अवस्था से गुजर रही है| रोजाना इसके ऊपर से सैकड़ों गाड़ियों का आवागमन होता है उत्तर प्रदेश बॉर्डर से महज 22 किलोमीटर दूरी पर अवस्थित रमना प्रखंड के बीचों-बीच स्थित यह बाजार रमना की हृदय स्थली है| रोजाना आसपास के सैकड़ों गांव के लोग यहां रोजमर्रा के सामान खरीदने आते हैं साथ ही इससे सटे प्रखंड बिशुनपुरा डंडई तथा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ से भी कुछ लोग थोक व्यापार के लिए यहां से खरीद बिक्री करने आते हैं ,परंतु सड़क पर उड़ती धूल के कारण सभी लोग परेशान हैं|सड़क के उबड़ खाबड़ होने के कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है एवं भविष्य में भी दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
एक ओर जहां कोरोना का प्रसार पुनः शुरू हो चुका है वही धूल से भी फेफड़ों को नुकसान पहुंच रहा है| ठेले खोमचे पर लगी वस्तुएं धूल कणों से गंदी हो रही है एवं इसको खाने वाले तथा बेचने वाले दोनों ही बीमार हो रहे हैं|जबकी इस जर्जर सड़क से लगातार सांसद विधायक एवं मंत्रियों का आवागमन होते रहता है ,बावजूद सड़क के जर्जर हालात से हो रही दुर्घटनाओं और उड़ रही धुल से बीमार हो रहे लोगों की समस्याओं पर इनकी चुप्पी रहस्यमयी बनी हुई है |आखिर बेहाल और परेशान जनता जाए तो जाए कहां ।एनएच 75 के मरम्मती का कार्य कई जगहों पर चालू है परंतु रमना बाजार बस स्टैंड को छोड़कर आगे बढ़ कर कार्य करना लोगों के समझ से परे है। देखना यह है की आखिर NH-75 के लगभग 4 किलोमीटर तक अवस्थित इन गड्ढों और उड़ते धूल से लोगों को छुटकारा कब और किस की पहल से दिलाया जाएगा।
-सड़क पर लगातार उड़ते धुल से स्वास्थ्य से संबंधित गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं |सांस से संबंधित बीमारियों को होने की सबसे ज्यादा संभावना है।