रमना : अतिवृष्टि से किसान चिंतित हैं। लगातार बारिश से भदई फसल को क्षति हुई है वहीं धान के बिजड़े भी सड़ रहे हैं। किसान धान के बिजड़े को बचाने के लिए पारम्परिक तरीके " सैर " के माध्यम से पानी निकालने में भी लगे हैं। स्थानीय किसान प्रयाग पांडेय, प्रभु साह, रामजी राम, अमरेन्द्र यादव, बीरेंद्र प्रजापति, दीपक सिंह ने बतलाया कि इस वर्ष हो रही लगातार बारिश से भदई फसल के साथ साथ अगहनी फसल भी प्रभावित होना निश्चित है। क्योंकि बोदर बीहन के जगह इस वर्ष लेइ बीहन किया गया है। वह भी दुकान से महंगा बीज खेत में डाले गए। लगातार बारिश होने एवं खेत में पानी जमे रहने के कारण धान के बिछड़े सड़ गए। फलतः कई किसानों तीन तीन बार धान के बिजड़े लगाने के बाद भी चिंतित हैं।
किसान मंटू एवं जितेंद्र ने धान के बिजड़े को बचाने के लिए खुद "सैर " लगाकर पानी निकालते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस खेत में उनके द्वारा तीसरी बार धान का बीज डाला गया है।