गढ़वा : गढ़वा जिला में एकलौता गुरुद्वारा जो कई वर्षों से संगत मोहल्ला में जीर्ण - शीर्ण अवस्था में अपने अस्तित्व को खोने के कगार पर है। उस गुरुद्वारे का पुनः उद्धार करने का निर्णय गढ़वा के गैर सिखों ने लेते हुए मिसाल पेश किया है। इसके लिए गुरुद्वारा निर्माण समिति गठित किया है।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद गढ़वा से सीख परिवार पलायन कर गए। यहां एकमात्र सिख परिवार रहता है वह भी पलायन के ही कगार पर है। बावजूद जिला मुख्यालय गढ़वा में स्थित गुरुद्वारे के प्रति गैर सिखों में अगाध आस्था है। लिहाजा आज गुरुद्वारा के जीर्णोद्धार करने के लिए संघत मोहल्ला वार्ड नंबर - 16 में गुरुद्वारा निर्माण समिति का बैठक रखा गया।
जिसमें वार्ड नंबर 16 के सभी मोहल्लेवासी, गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के समाजसेवी लोगों को आमंत्रित किया गया। जिसमें गुरुद्वारा जीर्णोद्धार करने हेतु विचार विमर्श किया गया।
सर्वप्रथम सभी लोगों के विचार विमर्श से गुरुद्वारा जीर्णोद्धार समिति का गठन करने का निर्णय लेते हुए, सर्वसम्मति से वार्ड पार्षद ममता देवी को संरक्षक, राजकुमार सोनी को अध्यक्ष, दौलत सोनी को सचिव, सोनू लाल को उपसचिव, कंचन साहू को उपाध्यक्ष, बुटन पहलवान को कोषाध्यक्ष, उमेश कश्यप को उपकोषाध्यक्ष तथा केतन मल्होत्रा मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया है। राजन सोनी, डिंपल सिंदुरिया, मिलन पहलवान एवं भोला कुमार संगठन मंत्री बनाए गए।
बैठक में जमीन का सीमांकन कर चारदीवारी का निर्माण कराने इसके बाद गुरुद्वारा को भव्य रूप देने का निर्णय लिया गया।