भवनाथपुर : सरकार ने वैध बालू के घाटों में खनन पर पूर्णतः रोक लगा रखी है। बावजूद बालू माफिया सरकार के आदेश को धता बताते हुए दिन के साथ - साथ, अंधेरी रात में भी अवैध बालू उत्खनन कर केतार व भवनाथपुर क्षेत्र के नदियों से ला कर लाभुकों से मोटी रकम वसूली करने में मशगूल हैं। प्रशासन भी आंख बंद किये हुए है। इस अवैध बालू के कारोबार में सफेदपोश से लेकर छोटे स्तर के बालू कारोबारीयो की भी चांदी कट रही है।
करीब एक दर्जन ट्रैक्टर से 20 से 25 ट्रिप बालू प्रतिदिन ये माफिया बेच रहे हैं। बिगत 15 दिनों से बालू का अवैध कारोबार चरम पर है। परन्तु इस ओर न तो प्रशासन का ध्यान है और न ही सम्बन्धित विभाग के पदाधिकारियों का। इस अवैध कारोबार में उक्त दोनों विभाग के पदाधिकारियों का बालू माफिया के साथ गठजोड़ से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
मालूम हो कि बीते सात जुलाई को ही अवैध बालू के कारोबार को लेकर केतार थाना के ताली ग्राम के ढाई दर्जन ग्रामीणों ने गढ़वा उपायुक्त व खनन विभाग के पदाधिकारियों से मिलकर बालू माफिया के खिलाफ लिखित शिकायत करते हुए इस पर रोक लगाते हुए दोषी पर करवाई की मांग किया था।
मांग करने वाले ग्रामीण अंकित कुमार, गोविंद कुमार, शशि सिंह, मुनेश्वर साह, नितेश कुमार गुप्ता, रोशन कुमार, नन्दू साह, राजेश्वर गुप्ता, राम बाबू साह, दयानन्द विश्कर्मा ने उपायुक्त को दिए आवेदन में साफ उल्लेख किया है कि केतार के ताली गांव निवासी मूंगा साह पिता रामचन्द्र साह के द्वारा लगभग एक माह से पंडा नदी से अवैध रूप से बालू उत्खनन कर अपने घर के पास एवं अमराहि दह मंदिर के पास लगभग 100 ट्रैक्टर बालू डम्प किया गया है।
साथ ही प्रति दिन लगभग 20 ट्रिप बालू यहां से भवनाथपुर व अन्य जगहों पर ढाई से तीन हजार रु में बेचा जा रहा है ।जबकि हमसभी ग्रामवासियों को प्रधान मंत्री आवास निर्माण के लिए बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मूंगा साव का केतार थाना से लेकर अनुमंडल पुलिस तक का संरक्षण प्राप्त होने के कारण दिन दहाड़े व रात्रि में भी बालू का ढुलाई धड़ले से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री लाभुकों के द्वारा मना करने पर मूंगा साह के द्वारा उन्हें जान से मारने व झूठा मुकदमा में फंसाने की धमकी से हम सब ग्रामीण डरे सहमे हैं। क्योंकि ग्रामीणों के अनुसार मूंगा साह का पूर्व से ही नक्सली व माफिया के साथ गठजोड़ रह चुका है।
ग्रामीणों ने उक्त पदाधिकारियों को अवैध बालू डम्प व ट्रैक्टर से बालू ढुलाई की विडियो की सीडी भी उपलब्ध कराया है।
परन्तु शिकायत के 48 घण्टे गुजरने बावजूद न जांच हुई न ही कोई करवाई की जा सकी है। जिससे बालू माफियाओं के मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है।