गढ़वा : गढ़वा जिले के विद्युत उपभोक्ताओं को एक तरह से बिजली विभाग गढ़वा को हटिया ग्रिड से जोड़ने के यह नाम पर ब्लैकमेल कर रहा है। क्योंकि हालत यह है कि जिले में सुबह 7:00 बजे से रात्रि करीब 10:00 बजे के बीच 1 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। सवाल उठता है कि क्या सुबह 7:00 बजे से रात्री 10:00 के बीच 15 घंटा हटिया ग्रिड से गढ़वा से जोड़ने का काम विद्युत विभाग चला रहा है। अगर नहीं तो यह विभाग की मनमानी के सिवा और क्या है?
जिला मुख्यालय गढ़वा के विद्युत उपभोक्ता विद्युत विभाग द्वारा लगातार 12 से 15 घंटे बिजली आपूर्ति काटे जाने से उमस भरी गर्मी के मौसम में परेशान हैं। लोगों को घरों में पीने का पानी के लिए मोटर तक चलाने के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है।
हालत यह कि विद्युत आधारित गढ़वा शहर का तमाम कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। उपभोक्ताओं को मोबाइल लैपटॉप चार्ज करने तक के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है, और विभाग है कि इस मामले में कुछ भी स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं है।
विभाग के अधिकारी से बात करें तो बस उनका एक ही रटा - रटाया जवाब होता है कि गढ़वा से हटिया ग्रिड को जोड़ने का काम चल रहा है, इसलिए बिजली नहीं मिल रही है। विभाग का माने तो सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक बिजली काटने की बात हटिया ग्रीड से जोड़ने के नाम पर किया जाता है, मगर बिजली सुबह 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक आपूर्ति नहीं हो पा रहा है। आखिर यह क्या माजरा है? अपने आप में विद्युत विभाग की विद्युत उपभोक्ताओं के प्रति बड़ी लापरवाही नहीं तो और क्या है विभाग को स्पष्ट करना चाहिए?
उसे 12 से 15 घंटे लगातार बिजली काटने से पहले उपभोक्ताओं को सूचना देनी चाहिए कि बिजली कब - कब मिलेगी।
क्योंकि बिजली कब नहीं मिलने की, बिजली विभाग की सूचना पर अब कोई विश्वास नहीं कर सकता। वर्तमान स्थिति में यदि बिजली मिलने का विभाग समय निर्धारित कर दे, तो ज्यादा बेहतर होगा। ताकि लोग अपनी जरूरत के आवश्यक विद्युत सेवा से जुड़े कार्यों को निष्पादित कर सकें।
गढ़वा से हटिया कब जुड़ेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, क्योंकि मंत्री से लेकर विभाग तक 30 जून तक ही गढ़वा को हटिया से जोड़कर 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति करने के दावे कर रहे थे, मगर दावे के 1 सप्ताह बाद भी विद्युत आपूर्ति की हालत पहले से भी बदतर हो गई है।