कांडी : कांडी - भाजपा मंडल इकाई ने सोमवार को मां सतबहिनी झरना पर्यटन तीर्थ स्थल के प्रांगण में बैठक की गई। बैठक के बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्म जयंती मनाया गया।
इस कार्यक्रम में उपस्थित समस्त भाजपाइयों ने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिये अपना जीवन बलिदान करने वाले जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन किया। साथ ही डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर साप्ताहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया गया। भाजपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सप्ताहिक वृक्षारोपण प्रोग्राम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।
भाजपा नेता एवं पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष राम लाला दुबे ने मुखर्जी को नमन करते हुये कहा कि मुखर्जी के आदर्श मूल्य व सिद्धांत हम सभी के लिये मार्गदर्शक व प्रेरणादाई है।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीहित में अपना सर्वस्व निछावर कर दिया। उनके बलिदान के परिणाम स्वरुप हीं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन पाया है। भाजपा नेता अजय सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बल पर राष्ट्रभक्ति की शिक्षा दी जा सकती है। राष्ट्रभक्तों के बल पर ही राष्ट्र सुदृढ़ है। साथ ही कहा कश्मीर समस्या की नब्ज को देखते हुए डॉक्टर साहब ने कश्मीर में सत्याग्रह किया था। इस बैठक के मुख्य प्रभारी श्री मुरली श्याम सोनी के उपस्थिति में कार्यक्रम को संपन्न किया गया। मौके पर भाजपा श्रीकांत पांडे महामंत्री भोला मेहता राजेंद्र पांडे प्रदीप कुमार दुबे शशि रंजन दुबे रामेश्वर प्रसाद बिरजू राम सुनील कुमार मेहता सहित कई लोग उपस्थित थे।
रंका : रंका अनुमंडल मुख्यालय के खरवार छात्रावास में रंका दक्षिण मंडल अध्यक्ष भुदेश्वर सिंह की अध्यक्षता में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाया। इस अवसर पर भाजपा नेता कमलेश नंदन सिन्हा सहित अनेक नेताओं ने पौधा रोपन भी किया।
रमकंडा : जनसंघ के संस्थापक सदस्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती सोमवार को भाजपा नेता अवधेश प्रसाद के आवास में धूमधाम से मनायी गयी।
इस दौरान भाजपा नेताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनका नमन किया। प्रभारी के रूप में उपस्थित बीसूत्री अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद केशरी ने कहा कि डाक्टर साहब प्रतिभा के धनी थे। उनमें राष्ट्रीयता कूट-कूट कर भरी थी।
कहा कि देश की एकता और अखंडता कैसे बनी रहे, इसके लिए वे हमेशा संघर्ष करते रहे। वह 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर बने।मंडल अध्यक्ष पारसनाथ माली ने कहा कि देश के प्रति डाक्टर मुखर्जी के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके द्वारा एक देश में दो निशान दो प्रधान नहीं चलेगा का नारा संपूर्ण देश को झकझोर दिया था।
इस मौके पर महिला मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष सोनू देवी, भाजपा नेता रामगृह पांडेय, राजकुमार विश्वकर्मा, अवधेश प्रसाद, धनंजय विश्वकर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।