सगमा : प्रखंड मुख्यालय के कटहर खुर्द गांव से सटे सोनपुरा हड़ही पहाड़ी के बंदी में चल रहे बाबा जय गुरूदेव महाराज जी की दस दिवसीय सत्संग दिन मंगलवार को शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ। बता दें कि पूर्णाहुति के अंतिम दिन जयगुरुदेव महाराज के दौरा कुंवारी कन्याओं को बरकत में हर कुंवारी कन्याओं को दस- दस रुपया और दो दो लडू का प्रसाद दिया गया।
उस दौरान जयगुरुदेव महाराज ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती है चरित्र का उत्थान। चरित्र पतन और घरेलू, पारिवारिक, सामाजिक, धार्मिक, जातीय, देशीय समाज को अच्छा बनाने व प्रभु के भजन में लगाने के लिए आते हैं। वे समाज में सेवक बन कर काम करते हैं। सेवा करना सिखाते हैं। सेवा सबसे बड़ा धर्म और पुण्य कार्य है।
इसके लिए वह सबको समय के साथ चलने का आह्वान का अपील किया। उन्होंने कहा कि नाम की दौलत सच्ची दौलत है, जो बिना गुरु कृपा के नहीं पाई जा सकती। गुरु के प्रेम को पकाना, समर्पण की भावना, लगन और श्रद्धा से सेवा करना, उनके वचनों पर भरोसा और विश्वास करके सदैव नाम योग साधना में लगे रहना सच्ची गुरु भक्ति है। दस दिवसीय सत्यसंग में दहेज रहित विवाह भी कराए गया। महाराज ने मेला निर्विघ्न संपन्न होने पर संतोष जताते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।