खेल पदाधिकारी ने कहा प्रशिक्षक गलती स्वीकार करते हुए आगे से ऐसा नहीं करने की बात कही है
प्रशिक्षक ने कहा उन पर लगाया गया आरोप झूठा है
गढ़वा : गढ़वा में कुश्ती के खिलाड़ियों व कुश्ती संघ के पदाधिकारी ने कुश्ती के कोच पर गाली- गलौज व दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उक्त लोगों ने खेल पदाधिकारी को आवेदन देकर संबंधित कोच के विरुद्ध जांच के उपरांत कार्रवाई की मांग की है। कुश्ती के खिलाड़ी चंदन कुमार व उत्तम कुमार ने खेल पदाधिकारी को आवेदन देकर गढ़वा कुश्ती डे बोर्डिंग के प्रशिक्षक ललन गोंड के द्वारा गाली गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार करने व चोरी का झूठा आरोप लगाने की धमकी देने की शिकायत किया है।
खेल पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में चंदन कुमार व उत्तम कुमार ने कहा है कि झारखंड राज्य कुश्ती संघ का फ्री स्टाइल कुश्ती का ओपन ट्रायल रांची में आयोजित किया गया था।
जिसमें भाग लेने के लिए गढ़वा से गढ़वा जिला कुश्ती संघ के सचिव धीरज चौबे के साथ गए थे। जिसमें गढ़वा का एक पहलवान चयनित भी हुआ था। लौटने पर जब हम लोग वापस डे बोर्डिंग कुश्ती सेंटर अभ्यास के लिए पहुंचे तो डे बोर्डिंग कुश्ती सेंटर के प्रशिक्षक ललन गोंड आगबबूला होते हुए भद्दी भद्दी गालियां देने लगे। साथ ही यह कहते हुए सेंटर से भगा दिया कि यदि तुम लोग इधर नजर आएगा तो तुम लोग पर चोरी का भी आरोप लगाकर केस कर देंगे। इसके बाद वहां से मायूस होकर हम लोग इस बात की शिकायत करने जिला खेल पदाधिकारी के पास पहुंचे। जहां हम लोग अपने साथ हुई इस घटना की पूर्ण जानकारी मौखिक रूप से खेल पदाधिकारी को दिए। पुनः खेल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन के माध्यम से लिखित रूप से इस घटना की जानकारी दी है।
चंदन कुमार व उत्तम कुमार ने खेल पदाधिकारी से से निवेदन करते हुए कहा है कि इस दिशा में जांच उपरांत उचित कार्रवाई करने की कृपा की जाए। जिससे भविष्य में किसी खिलाड़ी के साथ इस तरह की घटना ना हो पाए।
इस संबंध में खेल पदाधिकारी तूफान कुमार पोद्दार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में भी आया है। प्रशिक्षक ने गलती स्वीकार करते हुए आगे से ऐसा नहीं किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षक कभी-कभी आवेश में प्रशिक्षुओं को अपशब्द कह देता है। लेकिन उसके मन में किसी तरह की दुर्भावना नहीं होती है। जहां तक डे बोर्डिंग से निकाले जाने की बात है उन्होंने कहा कि वे प्रशिक्षक को निर्देश दिए हैं कि जो भी खिलाड़ी आता है उसे अवसर मिलना चाहिए।
इन बच्चों को भी डे बोर्डिंग में अभ्यास का अवसर प्रदान किया जाएगा।
जबकि इस संबंध में डे बोर्डिंग सेंटर के प्रशिक्षक ललन गोड़ ने कहा कि उन पर जो आरोप लगाया गया है वह पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने कहा कि वे लोग जब डे बोर्डिंग सेंटर में अभ्यास के लिए आते थे तो अनुशासन का पालन नही करते थे। साथ ही उन लोगों का व्यवहार भी ठीक नही था। उन्होंने कहा डे बोर्डिंग सेंटर में अभ्यास के लिए बच्चियां भी आती है। उन्होंने कहा कि अनुशासन का पालन नहीं करने के कारण उन लोगों को तीन साल पहले ही डे बोर्डिंग सेंटर से हटा दिया गया है।