गढ़वा : होली के अवसर पर सृजन साहित्यिक मंच गढ़वा के तत्वावधान में रविवार की शाम फाग स्नेह मिलन सह हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. स्थानीय गोविंद उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से कवि-कवियित्री एवं शायरों की प्रस्तुति देर रात तक गढ़वा शहर ठहाकों में डूबा रहा. विशेष रूप से प्रयागराज से पहुंचे जाने-माने हास्य व्यंग्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने गढ़वावासियों को भरपूर मनोरंजन किया ।
कवि सम्मेलन का उदघाटन गढ़वा एसडीओ जियाउल अंसारी, गढ़वा एसडीपीओ अवध कुमार यादव, पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह, भाजपा नेता अलखनाथ पांडेय, समाजसेवी डॉ यासीन अंसारी, रेडक्रॉस सोसाईटी के अध्यक्ष मुरली प्रसाद गुप्ता, डॉ कुलदेव चौधरी, पाल ब्रदर्श के राकेश पाल, उमाकांत तिवारी, डॉ आदि ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।
मंच के संरक्षक स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष केएन पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित कवि सम्मेलन की शुरूआत प्रतापगढ़ से आयी मीरा तिवारी ने वीणा मधुर बजा दो मां...सरस्वती वंदना से किया. इसके बाद कानपुर से आये आलम सुल्तानपुरी ने हम अपने दिल की हर धड़कन में हिंदुस्तान रखते हैं...नामक पंक्ति से शुरू किया. इसके बाद उन्होंने वतन पर आंच जब आये मुझे आगे बढ़ा देना, यहीं पैदा हुये हैं हम यहीं हमको सुला देना...सुनाकर लोगों में देशभक्ति का जज्बा जगाते हुये खूब तालियां बटोरीं. उनकी गंगा माता पर लिखे गीत ने भी खूब तालियां बटोरीं. इसके बाद आगरा से आये दीपक दिव्यांशु ने तलवारें भयभीत हुई हैं घुंघरू के ललकार से, लोकतंत्र शर्मिदा है अपने अवतारों से...सुनाकर श्रोताओं को प्रभावित किया. इसी तरह प्रयागराज से आये जितेंद्र जलज की मधुर आवाज में चांद में दम कहां यामिनी रोक ले, मेघ में दम कहां दामिनी रोक ले...गीत की प्रस्तुति ने सभी को झुमाने का काम किया. इसी तरह युवा कवियित्री साक्षी तिवारी ने नन्हीं सी कलम हूं काम बड़ा कर दूं, आशीष मिले मुझे तो नाम बड़ा कर दूं...सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी. इस बीच मंच पर बारी आयी हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी की तो उन्होंने पढ़े लिखे हैं जो वो सब संतरी बने, जितने अपराधी माफिया हैं वे मंत्री बने...रचना पढ़कर सबको ठहाका लगवाने का काम किया. इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक हास्य-व्यंग्य प्रस्तुत कर सबको बार-बार ताली बजाने को मजबूर किया. इस मौके पर मीरा तिवारी की आप तो पत्थर की मूरत हो गये, और ज्यादा खूबसूरत हो गये...गीत ने सबको प्रभावित किया. कवि सम्मेलन का संचालन करते हुये रीवां से आये अमित शुक्ल ने अपने शेरो-शायरी से सभी का खूब मनोरंजन किया।
सम्मेलन में विषय प्रवेश सृजन साहित्यिक मंच के अध्यक्ष विनोद पाठक ने कराया. मंच के सचिव सतीश कुमार मिश्र ने सभी का स्वागत किया, जबकि धन्यवादज्ञापन संगठन सचिव राजकुमार मधेशिया ने किया. उदघाटन सत्र का संचालन अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में उपाध्यक्ष विजय पांडेय, राजमणि राज, कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार, मीडिया प्रभारी दयाशंकर गुप्ता, डॉ रेयाज अहमद, दीपक तिवारी, शशिशेखर गुप्ता, डॉ पातंजलि केसरी आदि सक्रिय योगदान दिया।