मेराल : सामाजिक परिवर्तन केंद्र के तत्वावधान में सामाजिक परिवर्तन एवं आर्थिक मुक्ति आंदोलन केे महानायक कांशीराम के 87 वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को मेराल प्रखंड के संगवारिया गांव में गुरु रविदास आश्रम के सभागार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों में नेतृत्व क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन सामाजिक परिवर्तन केंद्र के निदेशक एवं अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ जिला गढ़वा के अध्यक्ष रघुराई राम ने कांशीराम एवं बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।
इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रघुराई राम ने सामाजिक परिवर्तन के महानायक एवं गैर बराबरी पर आधारित समाज व्यवस्था को मिटाकर समतामूलक समाज व्यवस्था निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले गुरु एवं महापुरुषों के जीवन और संघर्षों को विस्तार पूर्वक बताया।
इस समाज के लिए भारतीय संविधान में किए गए प्रावधान तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों के उत्थान विकास एवं संरक्षण के लिए वर्णित प्रावधानों को विस्तारपूर्वक बताया। समाज के लिए सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमें समझने की जरूरत है। यह तभी हो पाएगा जब हम शिक्षित होंगे। हमारे बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे।
इस अवसर पर दलित अधिकार सुरक्षा मंच के जिला संयोजक सुनील कुमार गौतम, भुइयां कल्याण समिति के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव भुइयां, भरदूल राम, विनय कुमार सिंह आदि लोगों ने भी कांशीराम के जीवनी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समापन की घोषणा संस्था के सचिव सुनीता देवी ने किया।
मौके पर मदन राम, गणेश कुमार, रोहित कुमार भारती, दिनेश राम, कुंदन चंद्रवंशी, राकेश पासवान रतिक शाह, संजीव कुमार, संजय राम, निर्मल कुमार भारती, जितेंद्र राम, राजेश राम, जितेंद्र कुमार रवि, अविनाश राम, उमा शंकर कुमार, वीरेंद्र राम, महेंद्र राम, मनोज कुमार, अरुण कुमार, जय प्रकाश कुमार, आशीष राम, संतोष राम आदि उपस्थित थे।