भवनाथपुर : जहां एक ओर राज्य सरकार व स्थानीय विधायक भानु प्रताप शाही के प्रयास से क्षेत्र में विधवा वृद्धा पेंशन शिविर लगाकर पूर्ण पारदर्शिता के साथ दिया जा रहा है वहीं कुछ बिचौलियों के द्वारा उक्त असहाय वृद्ध व विधवाओं से पेंशन योजना में फर्जी स्वीकृति दिलाने व उसके एवज में मुहमांगी रिश्वत नहीं देने पर योजना से नाम कटाने का भयादोहन का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें एक दूसरे पर लोग जानसे मारने व मारपीट करने के साथ साथ छेड़खानी व हरिजन एक्ट के मामले भवनाथपुर थाने में दिया गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षो का आवेदन लेकर जांच पड़ताल में जुट गई है।
इस मामले में प्रथम पक्ष से जगपतिया देवी, पति बाबू लाल भुइँया उम्र 40 व प्रमिला देवी उम्र 60 वर्ष पति सोमारू भुइँया सहित ढाई दर्जन लोगों के द्वारा अरसली के नन्दू सेठ व उसके पुत्र मनोज सोनी सहयोगी शिक्षक पर छेड़-छाड़ के साथ मारपीट करने व पेंशन योजना में प्रत्येक महिलाओं से पांच-पांच सौ रु रिश्वत नहीं देने पर नाम कटवाने की धमकी हरिजन कह कर प्रताड़ित करने की शिकायत की गई है।
जबकि दूसरे पक्ष से नन्दू सेठ के द्वारा सत्यनारायण भुइँया व फुलवा देवी सहित 50 लोगों पर जान से मारने की नीयत से लोगों को उकसाना व समान लूटने के साथ साथ जान मारने की धमकी देने की लिखित शिकायत की गई है।
क्या है मामला
अरसली उतरी पँचायत के खडरवा टोला में प्रधान मंत्री पेंशन योजना व विधवा पेंशन योजना में लाभुकों से दो से पांच हजार रु बिचौलिया के द्वारा लेकर योजना में नाम जोड़ा गया, जिसमें कुछ लाभुक ऐसे हैं जिनका उम्र में संशोधन कर पेंशन योजना स्वीकृत किया गया है। जिसमें बताया जा रहा है कि नन्दू सेठ का प्रधान मंत्री आवास में सूची में नाम था, जिससे सत्यनारायण भुइँया के द्वारा पिसी की मांग की जा रही थी। जिससे देने में नन्दू ने असमर्थता जताई।
जिसके कारण नन्दू सेठ का आवास में नाम कट गया।

आक्रोशित नन्दू सेठ ने भी सत्यनारायन भुइयां व अन्य महिलाओं से पैसा की मांग किया और नहीं देने पर सभी लोगों का पेंशन से नाम कटाने की धमकी दिया था। रविवार की सुबह ढाई दर्जन महिला पुरुष नन्दू सेठ के घर पहुंच कर पूछ-ताछ करने लगे। इसी बीच दोनों पक्षों में हाथापाई की घटना घटी। जिसके बाद दोनों पक्षो के लोग थाना पहुँच कर एक दूसरे के विरुद्ध आवेदन देकर कार्रवाई की मांग किया है।