बंशीधर नगर : झारखंड-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर बिलासपुर में ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिस कर्मियों पर उत्तरप्रदेश से झारखंड में प्रवेश करने वालों से कथित रूप से पैसे वसूलने का आरोप लगा है। वाक्या शुक्रवार रात 9 बजे की है। मुकुंद नामक ट्विटर यूजर से ट्वीट कर उत्तरप्रदेश से झारखंड आने के क्रम में विढमगंज बॉर्डर पर 500 रुपये मांगे जाने की शिकायत की है। मुकुंद ने इस अपने ट्वीट के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड पुलिस, राज्य के मंत्री मिथिलेश ठाकुर तथा गढ़वा, डीसी को सूचना दी है। मुकुंद ने ट्वीट किया है कि उत्तरप्रदेश से आने के क्रम में विढमगंज सीमा के पास झारखंड पुलिस द्वारा उन्हें रोका गया और ई-पास मांगा गया।
पास नहीं रहने पर मजिस्ट्रेट ने कहा कि पास नहीं है तो पांच सौ रुपये दीजिए उसके बाद ही जाने दिया जाएगा। इसी बीच यूपी के जवनपुर से लोहरदगा जिला के 40 प्रवासी मजदूरों को लेकर लौट रही बस को भी बॉर्डर पर पुलिस कर्मियों ने रोककर पैसे की मांग की। पैसा नहीं देने पर बस को रोक दिया। शनिवार की सुबह बस के ड्राईवर ने एसडीओ को आवेदन देकर बॉर्डर पर पैसा मांगे जाने एवं नहीं देने पर रात भर रोके जाने की शिकायत की है। मुकुंद ने ट्वीट कर सरकार से पूछना चाहा है कि क्या यह पैसा सरकारी फंड में जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुकुंद के इस ट्वीट के बाद पुलिस हरकत में आई और सीनियर अफसर के निर्देश पर थाना प्रभारी पंकज तिवारी दूसरे वाहन से वेश बदलकर मामले की जांच करने रात में ही बॉर्डर पर पहुंचे।
वे सीधे बॉर्डर पार कर यूपी गए और थोड़ी दूर से जब वे लौटकर झारखंड की सीमा में प्रवेश किए तो मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी उनके वाहन की ओर लपके। इसी बीच किसी पुलिस कर्मी ने थाना प्रभारी को पहचान लिया। जिसके बाद बॉर्डर पर तैनात लोगों के होश उड़ गए और वहां लोगों में खलबली मच गई। थाना प्रभारी ने वहां से एसडीपीओ अजीत कुमार को सूचित किया। जिसके बाद बॉर्डर पर पहुंचे एसडीपीओ और थाना प्रभारी ने ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई।