भवनाथपुर : प्रखंड मुख्यालय के मकरी पँचायत अंतर्गत बरवारी गांव निवासी वृद्ध महिला पनवा कुंवर पति स्व जगदीश सिंह का सरकारी कर्मचारी के मिली भगत से प्रधानंत्री आवास के नाम पर दूसरे व्यक्ति के द्वारा उसी के नाम झारखण्ड राज्य ग्रामीण बैंक खाता से बिना आवास निर्माण कराए। पांच बार में एक लाख तीस हजार रु फर्जी निकासी का मामला प्रकाश में आया है। इस बावत विधवा ने भवनाथपुर बीडीओ रविन्द्र कुमार को आवेदन देकर जांच करते हुए आवास देने की मांग किया है। मामला वर्ष 17/18 का बताया जाता है।
दिए आवेदन में पीड़िता ने कहा है के मेरे पति के मृत्यु के 25 वर्ष गुजर गए वर्ष 11 में मेरा प्रधानमंत्री आवास की सूची एससीसी डेटा में JH 1045330 था। उसी वक्त पँचायत के सचिव राजेन्द्र राम द्वारा मुझसे रिश्वत की मांग किया गया था, जिसे देने में मैने असमर्थता जताई, जिसके कारण मेरे नाम से आया आवास किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया गया।
जिसमें ताज्जुब की बात है कि मेरे नाम भवनाथपुर झारखण्ड राज्य ग्रामीण बैंक में खाता खोला गया व बारी बारी से 1,30 लाख रु निकासी कर ली गई है। जिसमे 9/6/17 को 26 हजार, 10/7/17 को 32500,18 /9/17को 52000 हजार, 27/10/17को 13 हजार व 30/11/17 को 6500 सौ रु की निकासी की गई है। यही नहीं महिला का फर्जी तरीके से आवास निर्माण के पूर्व का पीलिंथ व आवास फाइनल रिपोर्ट भी ऑन लाईन दिखाया गया है। जबकि आपको बता दूं कि महिला के सिर्फ शादी शुदा लड़की है और बरवारी का पुराना मकान भी ध्वस्त हो चुका है। महिला वर्तमान में अपने रिश्तेदारों के घर घूम-घूम कर गुजर बसर कर रही है।
इस बावत पँचायत सचिव राजेन्द्र राम ने बताया कि महिला के द्वारा रिश्वत की मांग करना, बिल्कुल बेबुनियाद आरोप है। रही बात फर्जी नाम व बिना आवास बने फर्जी निकासी का तो तीन वर्ष पुराना मामला है, जांचों उपरांत ही कुछ बता पाएंगे।