गढ़वा : विगत कुछ समय जब से कोरोना का प्रकोप बढ़ा है, पढ़ाई से लेकर चुनाव प्रचार सब ऑनलाइन होना शुरु हो गया है। देश के सामान्य जनमानस में भी इस दौरान ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भरता बढ़ी है। इसी तर्ज पर दिनांक- 26.06.2020 को पूरे देश के सरकारी कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली हेतु राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली के स्लोगन वाले प्लेकार्ड एवं विडियो के साथ सोशल मीडिया में खासकर ट्वीटर पर जमकर प्रदर्शन किया। एनएमओपीएस, झारखंड के प्रान्तीय अध्यक्ष, विक्रांत कुमार सिंह ने बताया की झारखण्ड में भी वर्ष 2004 से नई पेन्शन योजना लागू है जो की कर्मचारियों के बुढ़ापे में उन्हें और कहीं और नहीं बल्कि वृद्धाश्रम मे जीने को मजबूर कर सकती है।
वर्तमान ससत्तारूढ़ दल ने चुनाव में पेंशन बहाली का वादा किया था और अपने चुनावी मैनिफेस्टो में इसे प्रमुखता से जगह भी दी थी। आज जब कम्पनियाँ सरकार के अरबों रुपये लेकर विदेश भाग जा रही हैं तो ऐसे में कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को अँधेरे शेयर बाज़ार में झोंक देना, खुलेआम विश्वासघात करना है।
आज कोरोना के दौर में अपनी जान, अपने परिवार और अपनी सेहत की परवाह किये बिना जो देश के नागरिकों की सेवा में दिन रात तत्पर है वे सरकारी कर्मचारी ही हैं। पर बदले में उन्हे क्या मिल रहा है सिर्फ खोखली तारीफें और तालियाँ। पर इन सबसे परे देश के अन्दर देश के लोगों के लिये जान हाज़िर करने वाले लोगों का डीए काट लिया गया। सरकार ने आदेश जारी किया की यदि कर्मचारी अपने सीपीएफ का पूरा पैसा सरकार के पास छोड़ देते हैं तब सरकार उन्हें पुरानी पेंशन की दर से पेंशन देगी।
जो की सरासर धांधली है और कोरोना वारियर्स का माखौल उड़ाने जैसा है। कर्मचारियों का सीधा कहना है कि यदि कोरोना शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देनी है और अगर सरकार को लगता है कि हम न होते तो आज देश की तस्वीर विभत्स होती,तो हम पर पुष्पवर्षा भले मत कीजिए पर हमारा हक़ हमारी पुरानी पेंशन हमें वापस कर दीजिए अथवा झूठा दिखावा बंद कीजिए और देश की जनता को खुलकर बता दीजिये कि आपनें नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के लिए नहीं बल्कि पूँजीपतियों के लिए लाया है।
इस मौके पर सभी एनपीएस शिक्षक कर्मियों में राजीव रंजन, नीरज कुमार, उमेश सिंह, रेयाज अंसारी, सत्येन्द्र प्रसाद, सन्दीप सिंह, सत्येंद्र तिवारी, पंकज कुमार भारती, विनोद कुमार, कुमारी पूनम भारती, पुष्पा कुमारी एवं एनएमओपीएस जिला इकाई गढ़वा के जिला संयोजक-सह-झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ गढ़वा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार आदि मुख्य रूप से शामिल थे।