गढ़वा : सदर प्रखंड में इन दिनों योजनाओं की लूट पड़ी हुई है। हम गढ़वा सदर प्रखंड के उस प्रखंड की बात कर रहे हैं, जो गढ़वा जिला मुख्यालय शहरी क्षेत्र नगर पंचायत से सटा हुआ है। वह पंचायत जाटा पंचायत के अंतर्गत तेनार गांव में आता है। जिस गांव में तकरीबन 1000 से 1500 ग्रामीण अपना गुजर बसर माटी के बर्तन व मजदूरी कर करते हैं। उन्हें सरकार की योजनाओं का सीधा सीधा लाभ तो नहीं मिल पाता, किंतु कुछ योजनाओं का लाभ उठाना भी चाहते हैं तो वह बिचौलियों द्वारा ऐसे उपयोग में लाने का कार्य की जाती है जो साल 2 साल नहीं वह 5 से 6 महीने के अंदर ही खराब हो जाता है। जिसके बाद ना तो उसकी कोई सुध लेता है और ना ही उस पर कोई विचार करता है।
हम अब बता दें कि हर प्रखंड में लोगों की प्यास बुझाने के लिए सरकार के महत्वपूर्ण योजना जलमीनार के द्वारा लोगों को नल की जल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से लाखों रुपए की जलमीनार का निर्माण कराया गया था किंतु आप यह देखकर सोच सकते हैं कि वह कितने हद तक उपयोगी योजना है।
मैं ऐसा इसलिए बता रहा हूं कि जलमीनार का निर्माण सरकार के दिशा निर्देशानुसार पुराने चापाकल के बोर में ही सोलर पंप लगाकर एक टैंक बैठाया जाता था, जिससे लोगों को 24 घंटा बिजली ना रहने के बाद भी पानी मिलती थी। किंतु आज जब वह खराब पड़ी है तो लोग उसे पानी पीने की जगह नहीं उस जगह को पुआल रखने व जलावन के गौठे रखने का स्थान बना दिए हैं जो सरकार की लाखों रुपए की योजना पर सरासर पानी फेरने की बात है। बहरहाल ना तो इसकी सुध प्रखंड के मुखिया को है और ना ही प्रखंड विकास पदाधिकारी को।