डंडा (गढ़वा) : डंडा प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित जनता दरबार में पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के समक्ष जैसे ही सुदेश्वर महतो नामक एक ग्रामीण ने अपनी बात रखते हुए यह कहा की बगैर रिश्वत के प्रखंड कार्यालय में एक भी विकास योजना स्वीकृत नहीं होती वहां उपस्थित अधिकारी बगले झांकने लगे।
हालांकि भ्रष्टाचार की शिकायत मिलते ही मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा तथा कहा की पुरानी शैली को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री का फटकार प्रखंड कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कितना असर डालेगा, वक्त ही बताएगा। मगर बड़ी ही बहादुरी के साथ अधिकारियों की उपस्थिति में झारखंड सरकार के मंत्री के सामने भ्रष्टाचार का जो मामला उठाया गया, वास्तव में पूरी तरह से हकीकत है।
सुदेश जैसे बहादुर को इसके लिए शाबाशी देना होगा। क्योंकि अभी तो हालत ऐसी है कि बगैर रिश्वत के किसी भी प्रकार की विकास योजना की स्वीकृत नहीं मिलती है। यह सच्चाई है जो डंडा प्रखंड में मंत्री मिथिलेश ठाकुर के समक्ष उठाया गया है।
यहां पहुंचे मंत्री श्री ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर जनता दरबार कार्यक्रम का शुरुआत किया। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को सप्ताहिक जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया था जिसके आलोक में यह जनता दरबार यहां आयोजित किया गया था। जिसमें प्रखंड के सभी छोटे बड़े अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रही। सभी तीनों पंचायत की जनता ने बारी-बारी से क्षेत्र की जनसमस्या को रखने का काम किया। डंडा पंचायत के सुरेश देव चौधरी ने बताया कि 2010 से पशु अस्पताल बनकर तैयार है, परंतु पशु चिकित्सक की पदस्थापना नहीं होने की वजह से प्रखंड वासियों को गढ़वा मुख्यालय की ओर रुख करना पड़ता है।
सुदेश्वर महतो ने बताया की प्रखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है, कोई भी छोटी-बड़ी योजना बिना रिश्वत के पास नहीं होती है। मंत्री ने प्रखंड के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पुरानी परंपरा को बंद करने को कहा तथा यह भी चेतावनी दी की, शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचारी को कतई बख्सा नहीं जाएगा। विगनी कुंवर ने कहा की उसका घर गिर गया है। मंत्री ने उन्हें अविलंब अंबेडकर आवास दिलाने का आदेश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया। नंन्दू राम ने बताया की तीन साल के बाद डंडा प्रखंड में मनरेगा का काम शुरू हुआ है, परंतु मजदूरी सिर्फ 194 रूपये है। उन्होंने मनरेगा की मजदूरी बढ़ाने का मांग किया। मंत्री ने उन्हें बताया की यह योजना केंद्र की है। भीखही पंचायत के प्रेम चौधरी ने प्रखंड में उपस्वास्थ केंद्र प्रारंभ करने की मांग किया तथा पंचायत स्तर पर एंबुलेंस सेवा बहाल करने की बात कही।
रमेश चौधरी ने प्रखंड में बिजली की समस्या बताई तथा जरूरतमंद को राशन कार्ड उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
छप्परदगा पंचायत के निवासी सह प्रखण्ड प्रमुख वीरेंद्र चौधरी ने बंगलादेश में फंसे 12 मजदूरों को लाने का आग्रह किया। उन्होंने मंत्री मिथिलेश ठाकुर को यह भी बताया की प्रखंड के हजारों लोग छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा में कपड़ा फेरी का काम करते थे, जिनका लॉकडाउन की वजह से आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। सूर्यदेव चौधरी ने छप्परदगा पंचायत में बने उपस्वास्थ केंद्र के घटिया निर्माण के जांच की मांग किया। मनोज शर्मा ने स्थानीय कब्रिस्तान में शेड एवं सड़क निर्माण का मांग किया।
मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सारी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।
कुछ समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया गया तथा बाकी समस्या को प्रक्रियात्मक रूप से समाधान करने के लिए अंकित किया गया। मंत्री श्री ठाकुर ने अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा की उन्हें व्यक्तिगत स्वार्थ से उठकर जनता के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को यह भी कहा की आपकी कार्य शैली सरकार की छवि बनाती और बिगाड़ती है। तत्पश्चात सरकार और जनता दोनों की अपेक्षा आप से ज्यादा बनी हुई है। इसके बावजूद भी जो अपनी आदतों से बाज नहीं आएंगे उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर सप्ताह भर के अंदर कार्यवाई होगी।