गढ़वा : विद्या की अधिष्ठात्री मांँ सरस्वती की पूजा मंगलवार को गढ़वा जिला मुख्यालय समेंत जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में पुरे आस्था व उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर जिला मुख्यालय गढ़वा के विभिन्न स्थानों पर पंडाल बना कर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा रख पुरे भक्ति भाव से पूजा अर्चना की गयी।
इस मौके पर शहर के शहर के चिनिया रोड़ शिव मंदिर, श्री हनुमान उपासना मन्दिर कमिटी शिवपुरी, रॉयल क्लब अशोक विहार पूजा समिति, बाबा सोमनाथ मंदिर पूजा समिति, सहिजना, टंडवा, भगलपुर, सोनपुरवा समेत अनेक स्थानों पर आकर्षक सजावट के बीच मां सरस्वती की प्रतिमा रखी गयी। साथ ही पुरे विधि विधान से पूजा अर्चना की गयी। इस मौके पर सहिजना के बाबा सोमनाथ मन्दिर परिसर के निकट मां सरस्वती की प्रतिमा आकर्षक सजावट के बीच रखी गयी।
पंडित इन्दु भूषण मिश्रा के द्वारा विधि विधान के साथ मां सरस्वती की पूजा करायी गयी।
मौके पर रौशन पांडेय, राहुल तिवारी, अंकित आनंद, प्रशांत पांडेय, निखिल वर्मा, अंकित झा, नमन सिन्हा, संजीव तिवारी, अमन, शुभ समेंत इस क्षेत्र के बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।
मेराल : प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार को मां सरस्वती की पूजा का आयोजन कर इस क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। सरस्वती पूजा को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। मंगलवार की सुबह बच्चों ने पूजा स्थल पर जाकर पूजा अर्चना किया।
वहीं मेराल प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र के हासनदाग गांव में ज्ञान गंगा मेमोरियल अकैडमी के द्वारा मां सरस्वती के पूजा अर्चना के बाद विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया।
जिसमें स्कूली छात्र छात्राओं ने संगीत नाट्या डांस प्रस्तुति कर अभिभावकों का मन मोह लिया। लोगों ने विद्यालय के निदेशक हरेंद्र चौधरी को सुदूरवर्ती में इस तरह के कार्यक्रम कर बच्चों को मंच के माध्यम से अपने-अपने कला को प्रस्तुत कर दिखाने के लिए सराहना किया।
बाकी इस क्षेत्र के विभिन्न पूजा समितियों द्वारा आयोजित पूजा पंडालों में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
सगमा : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर कोरोना काल के बाद दिन मंगलवार को मां सरस्वती जी का धूमधाम से पूजा अर्चना किया प्रखंड में धूम रही।
और वही पर अपने नजदीकी पंडालों में पहुंचकर लोगों ने विद्या की देवी मां सरस्वती की वंदना की और आर्शीवाद मांगा। खासकर महिलाओं व लड़कियों व युवतियों की भीड़ दिखी। दरअसल कोरोना से 2020 पूरी तरह से प्रभावित रहा। कई तरह की पाबंदियों की वजह से लोगों ने किसी पर्व त्यौहार का अनंद नहीं उठाया। लेकिन वर्ष 2021 के शुरुआत से ही कोरोना का प्रभाव कम होने लगा है।
हलाकि सरकारी स्कूलों में कहीं भी माँ की प्रतिमा स्थापित नही की गई जिससे सरकारी स्कूलों के बच्चों में मायूसी देखी गई। कोरोना वैक्सीन के इजाद के बाद तो लोगों के बीच भय का वातावरण लगभग खत्म सा हो गया है।लोग खुली हवा में सांस लेने लगे हैं। ऐसे में फाल्गुन का यह पर्व नई खुशियां व उमंगे लेकर लोगों के जीवन में आया, जिसका अरसे बाद लोग आनंद उठा रहे हैं।
लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। प्रखंड क्षेत्र में छोटे-छोटे बच्चे अपने स्तर से छोटे पंडाल बना कर पूजा अर्चना कर रहें हैं। खासकर छात्र छात्राओं ने विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की।कई जगहों पर गाजे-बाजे भी देखे गए।
फाल्गुन मास के बसंत पंचमी को मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जिन्हें विद्या की देवी माना जाता है। आज से ही फाल्गुन और होली की दस्तक मिलने लगती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ही होली की शुरुआत मानी जाती है। उस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर शुभकामनायें देते हैं। सुखद भविष्य की कामना की जाती है। मां से खासकर छात्र विद्या मांगते हैं, ताकि वे अपने भविष्य में अच्छा करें।
अच्छे नम्बर के साथ पास करे और उनका भविष्य उज्जवल हो।
देव कोचिंग सेंटर के निर्देशक दिनेश कुमार प्रजापति, योगेंद्र कुमार यादव, पूनम कुमारी, बिनीता कुमारी काजल कुमार, समेत काफी लोग मां शारदे की पूजा में शामिल थे।
खरौंधी : प्रखंड में कोरोना काल के बाद आज बसंत पंचमी की पूरे प्रखंड में धूम रही। सड़कों पर लोग उमड़ पड़े। अपने नजदीकी पंडालों में पहुंचकर लोगों ने विद्या की देवी मां सरस्वती की वंदन की और आर्शीवाद मांगा। खासकर महिलाओं व लड़कियों व युवतियों की भीड़ दिखी. दरअसल कोरोना से 2020 पूरी तरह से प्रभावित रहा। कई तरह की पाबंदियों की वजह से लोगों ने किसी पर्व त्यौहार का अनंद नहीं उठाया। लेकिन वर्ष 2021 के शुरुआत से ही कोरोना का प्रभाव कम होने लगा है।
हलाकि सरकारी स्कूलों में कहीं भी माँ की प्रतिमा स्थापित नही की गई जिससे सरकारी स्कूलों के बच्चों में मायूसी देखी गई।कोरोना वैक्सीन के इजाद के बाद तो लोगों के बीच भय का वातावरण लगभग खत्म सा हो गया है।लोग खुली हवा में सांस लेने लगे हैं।. ऐसे में फाल्गुन का यह पर्व नई खुशियां व उमंगे लेकर लोगों के जीवन में आया, जिसका अर्शे बाद लोग आनंद उठा रहे हैं. लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।प्रखंड क्षेत्र में छोटे-छोटे बच्चे अपने स्तर से छोटे पंडाल बना कर पूजा अर्चना कर रहें हैं। खासकर छात्र छात्राओं ने विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की। कई जगहों पर गाजे-बाजे भी देखे गए। फाल्गुन मास के बसंत पंचमी को मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जिन्हें विद्या की देवी माना जाता है।
आज से ही फाल्गुन और होली की दस्तक मिलने लगती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ही होली की शुरुआत मानी जाती है। उस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर शुभकामनायें देते हैं। सुखद भविष्य की कामना की जाती है। मां से खासकर छात्र विद्या मांगते हैं, ताकि वे अपने भविष्य में अच्छा करें। अच्छे नम्बर के साथ पास करे और उनका भविष्य उज्जवल हो।
रंजीत कुमार पासवान, शिवम कुमार पासवान, अरुण कुमार ठाकुर, आदित्या कुमार केशियर, हिमांशु कुमार, आदर्श कुमार, अमृत कुमार पासवान, उक्त लोग पूजा में सम्मिलित थे।