भवनाथपुर : झगराखांड़ गांव के ' पाठक गुरुजी ' के नाम से विख्यात 93 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक धर्मदेव पाठक का निधन मंगलवार की दोपहर में पैतृक आवास झगराखांड़ में हो गया। वे बहुत दिनों से बीमार चल रहे थे।
उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिये उनके घर पर सैकड़ों की संख्या में शिक्षाविद, विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग, पंचायत प्रतिनिधि सहित गणमान्य लोग पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वे अपने पीछे दो बेटे सहित एक भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। अंतिम संस्कार गांव के भेलवरिया नदी स्थित श्मशान घाट पर सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में किया गया।
मुखाग्नि उनके बड़े बेटे परमानंद पाठक ने दिया। जबकि श्मशान घाट पर पुरानी परंपरा के मुताबिक अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों ने शोकसभा कर मृत आत्मा की शांति के लिये दो मिनट का मौन धारण किये।
शोक सभा में सेवानिवृत्त शिक्षक महानंद पाठक, द्वारिकानाथ पाठक, मुद्रिका पाठक, भाजपा नेता विश्वनाथ पाठक, कामेश्वर वैद्य, प्रयागदत्त पाठक, अनिल पाठक, विनोद पाठक, नित्यानंद पाठक, अरविंद पाठक, सतीश पाठक, बसपा नेता मनोज यादव, मुखिया प्रतिनिधि मानिकचंद पासवान, पूर्व मुखिया सुखाडी भुईंया, निरंजन पाठक, रविकांत मिश्रा, रामाशंकर पाठक, राघवेंद्र पाठक, अरुण मिश्रा, धर्मजीत राम, मुन्ना पांडेय, पांडेय श्रीकांत शर्मा आदि लोगों का नाम शामिल है।