गढ़वा : झारखंड राज्य में पहली बार वालीबॉल खेल के 123 वें जन्म दिवस पर 09 फरवरी को वालीबॉल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। वॉलीबॉल दिवस मनाने से पूर्व गढ़वा वॉलीबॉल संघ पर अपने-अपने दावा को लेकर लोग आपस में ही भिड़ गए हैं। जिला वॉलीबॉल संघ पर अपने-अपने दावे को लेकर लोग प्रतियोगिता कराने के बजाय खुद ही उलझ गए हैं। जिला वॉलीबॉल संघ के सचिव ने संघ के विरुद्ध कार्य किए जाने पर संघ के संरक्षक जिनाहूदिन खान को बाहर कर दिया है।
संघ से बाहर किए जाने पर जिनाहूदिन खान ने कहा कि गढ़वा जिला वॉलीबॉल संघ के तथाकथित सचिव ओमप्रकाश तिवारी ने अपने बयान में कहा है कि वॉलीबॉल संघ के संरक्षक को हटाए जाने एवं वॉलीबॉल डे के अवसर पर बंशीधर नगर में आयोजित वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों पर कार्रवाई करने की बात कही गई है।
वह किस हैसियत से कार्रवाई करने की बात करते हैं, यह हास्यास्पद लगता है। क्योंकि पूर्व से ही वॉली बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिसके वे अपने आप को तथाकथित सचिव बताते हैं। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की नई कमेटी का गठन एवं झारखंड राज्य वॉलीबॉल संघ का नई कमेटी का गठन भी किया गया है, जिसके प्रभाव से गढ़वा जिला वॉलीबॉल संघ का कोई अस्तित्व नहीं है। बॉली बॉल संघ गढ़वा द्वारा पिछले कई वर्ष से जिला में लीग मैच नहीं कराया गया है। खेल के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कराई जाती रही है। वॉलीबॉल खेल दिवस के अवसर पर जब वे नगर उंटारी में ग्रामीण वॉलीबॉल टूर्नामेंट कराने जा रहे हैं तो उनको नागवार गुजर रहा है।
वॉलीबॉल डे पर प्रतियोगिता का आयोजन होगा और इस खेल से जुड़े हुए लोगों की प्रतिभाओं को आगे लाने का काम करूंगा।
इस संबंध में ओम प्रकाश तिवारी ने कहा कि उनकी बातें वही जाने, किस आधार पर वह यह बातें कह रहे हैं, मुझे मालूम नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण एक वर्ष से उनके संघ की ओर से किसी तरह की प्रतियोगिता का आयोजन नहीं कराया जा सका है। उसके पूर्व झारखंड वॉलीबॉल संघ के द्वारा आयोजित सभी अधिकृत टूर्नामेंटों के सभी वर्गों में जिले कि टीम भाग ली है। साथ ही जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों पर भी वॉलीबॉल का टूर्नामेंट भी कराया गया है। सरकार की ओर से खेल कराने की इजाजत फिलहाल दी गई है और वह खेल को शुरू भी कर चुके हैं।
अभी वर्तमान में कुछ दिनों बाद पलामू में वॉलीबॉल का सीनियर प्रतियोगिता भी होना है, जिसके लिए खिलाड़ियों के चयन हेतु बहुत जल्द जिले में ट्रायल मैच कराया जाएगा। जो लोग ने उन्हें तथाकथित कह रहे हैं, उन्हें पहले बताना चाहिए कि वह पहले जिस संघ के संरक्षक थे क्या वह भी तथाकथित ही थे? खेल को राजनीति का अखाड़ा ना बनाएं। खेल के विकास के लिए एक साथ मिलकर खेल को आगे बढ़ाने का काम करें।