बिशुनपुरा : सरकार असहाय लोगों को समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न तरह की योजना चला रही है। जिसके सहारे सभी लोगो को पक्का घर, राशन, पेंशन मिले एवं भूख से मौत जैसे मामले जड़ से खत्म हो। लेकिन निष्ठुर लोकतंत्र और लापरवाह जनप्रतिनिधि होने का खामियाजा आज भी कई लोग भुगत रहे हैं। इन्ही में से एक हैं पिपरीकला पंचायत के दरबाहा टोला निवासी राजेश सिंह खरवार एव उनकी पत्नी सविता देवी। इस दम्पति की जिन्दगी आज भी प्लास्टिक से झोपड़ी लगा कर रहने को मजबूर है। यह दम्पति आज भी आजादी के 74 वर्ष होने के बाद भी आवास, राशन जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
मालूम हो कि पिपरिकला पंचायत स्थित दरबाहा टोला निवासी राजेश सिंह खरवार अपनी पत्नी के साथ प्लास्टिक से झोपड़ी बना कर रह रहे है।
इसके पीछे कोई परिवार नहीं रहने के कारण इन दोनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजेश सिंह खरवार के पिता वासुदेव सिंह खरवार आर्थिक स्थिति के मारे बचपन में ही छोड़ कर बाहर कमाने चले गए थे, बचपन में छोड़ जाने के बाद लगभग 25 वर्ष बाद भी पिता का कोई जानकारी नही मिली, जिसके बाद आनाथ राजेश सिंह खरवार का पालन पोषण ननिहाल में किया गया, उसके बाद राजेश सिंह खरवार बालिक होते ही ननिहाल से आकर अपने गांव दरवाहा में प्लास्टिक से झोपड़ी बना कर पिछले 6 वर्षों से रह रहा है। अंततः गांव वालों की मदद से इसकी शादी कराई गयी, जिसके बाद यह दम्पति किसी तरह अपनी जीवन बसर कर रहे है।
यह दम्पति अपनी बदहाल जिंदगी को लेकर कई बार प्रखंड या जनप्रतिनिधियो के दरवाजे के चक्कर लगा रहे है।
लेकिन इन निष्ठुर जनप्रतिनिधियो एवम शासन प्रशासन ने कोई ठोस पहल नही किया है, जिसके कारण ऐ दम्पति आज भी एक प्लास्टिक से बना झोपड़ी के नीचे जीवन बसर करने को मजबूर है।
राजेश सिंह खरवार ने बताया कि किसी तरह प्लास्टिक के नीचे रात के अंधेरे में जंगली जानवरों के डर भय के बीच अपना जीवन बिता रहे है। इनके पिता बचपन में छोड़ कर जाने पर अनाथ होने के बाद सरकारी सहायता का आस लगाए हुए हैं।