खरौंधी : खरौंधी प्रखंड के चंदनी गांव निवासी नीतू कुंवर अपने तीन मासुम बच्चियों के साथ दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर है।
नीतू कुंअर के पति की मृत्यु पिछले वर्ष बीमारी एवं लगातार तीसरी बच्ची पैदा होने के गम में हार्ड अटैक की वजह से हुआ था। नीतू कुंअर के ससुर की भी मौत पति के मौत से पूर्व ही हो गया है।
नीतू कुंअर अपने तीन बच्चियों अंजू कुमारी, आरती कुमारी, गौरी कुमारी के साथ दर-दर की ठोकरें खा रहीं हैं। इनका पालन-पोषण उसकी मां नीतू कुंअर गांव के ही कुछ लोगों से मांग चांग कर किसी प्रकार पालन पोषण कर रही है। उक्त विधवा महिला की पति के मृत्यु के लगभग एक वर्ष हो गए हैं। परंतु अभी तक उसे विधवा पेंशन, राशन कार्ड से नाम नहीं जोड़ा गया है, जिसके कारण उसे एक छटाक अनाज नहीं मिलता है।
इसके अलावा टूटे-फूटे घर में भी वह रहने के लिए मजबूर है। उक्त विधवा महिला को राशन में नाम जुड़े नहीं होने के कारण अपना पेट पालने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उसके बच्चियों का सुकन्या योजना में भी नाम नहीं जुड़ा हुआ है, जिससे आने वाले समय में उसकी शादी की भी चिंता उसे सताती है। इस कड़ाके की ठंड में उसके बच्चियों के पास गर्म कपड़े भी नहीं है ना ही चप्पल, मोजा, जूता भी नहीं है। कड़ाके की ठंड में किसी प्रकार रहकर जिंदगी गुजर बसर कर रही है।
नीतू कुंवर इससे पहले कई बार ब्लॉक का चक्कर लगा चुकी है। परंतु उसका काम ब्लॉक से आगे अभी तक नहीं बढ़ पाया है।
इस संबंध में मुखिया दुर्गावती देवी एवं ग्राम सेवक तुलसीराम ने बताया कि विधवा पेंशन व राशन के लिए राशन में नाम जुड़वाने के लिए हम लोगों ने ब्लॉक को अग्रसारित कर दिया है।
लेकिन वहां से कार्य नहीं हुआ है तो हम क्या कर सकते हैं।
इधर जनसेवक नवनीत कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। पारिवारिक लाभ व पेंशन के लिए बीडीओ व जिला कार्यालय को भेज देंगे।