नाबालिग के दुष्कर्म के बाद हुई हत्या के खिलाफ निकाला गया कैंडल मार्च
पलामू : पांकी विधानसभा विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने पिछले दिनों हुए दुष्कर्म के बाद हत्या के पीड़ित परिवार से जाकर मिले वे नाबालिग के पिता से मिल उन्हें ढाढस बंधाया वही उचित न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिक्षक ही हमारे समाज को खोखला करते जा रहे हैं वही शिक्षक के नाम को भी बदनाम कर रहे हैं ऐसे शिक्षकों की जगह विद्यालय, गांव और समाज में नहीं है ऐसे शिक्षक कि हमारे देश का भविष्य बिगाड़ रहे हैं इन्हें जल्द से जल्द फांसी देकर एक उदाहरण पेश किया जाना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति ऐसे कुकर्म करने से पूर्व सौ बार सोचे। उन्होंने नाबालिग के पिता को उचित न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया।
इस विषय पर वे पांकी थाना में थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार रमन से भी मुलाकात की वे पुलिसिया कार्रवाई से नाराजगी भी दिखाई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वे मुख्यमंत्री से और सदन में भी इस बात को रखेंगे। पीड़ित परिवार के साथ न्याय संगत कार्रवाई होनी चाहिए वही उन्होंने थाना प्रभारी को यह भी कहा कि अनुसंधान कर उचित कार्रवाई करें। आगे वे थाने से निकलकर पांकी कर्पूरी चौक पर मोमबत्ती जलाकर पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित की वही कैंडल मार्च भी निकाला कैंडल मार्च में समर्थकों द्वारा 'पारा शिक्षक को फांसी दो', 'पीड़ित परिवार साथ न्याय करो' आदि नारे भी लगाए गए।
कैंडल मार्च में पांकी विधानसभा विधायक डॉ शशि भूषण मेहता के साथ पांकी प्रखंड विधायक प्रतिनिधि प्रसिद्ध सिंह, लेस्लीगंज विधायक प्रतिनिधि लाला यादव, रंजय ठाकुर, सुनील गुप्ता, अमलेश ठाकुर, सुधीर आजाद विधायक मीडिया प्रभारी वीरेंद्र कुमार वर्मा सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

कैंडल मार्च के बाद पांकी कर्पूरी चौक पर नुक्कड़ सभा आयोजन कर कैंडल मार्च को समाप्त की गई वही सभा को संबोधित करते हुए विधायक डॉ शशि भूषण मेहता ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक आवाज उठाएंगे।
वहीं सभा को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री मंजू लता ने कहा कि इस सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है, महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। यहां तक की नाबालिक छात्रा के साथ शिक्षक का दुष्कर्म करना यह जघन्य अपराध है। किसी भी स्थिति में इस शिक्षक को माफ नहीं किया जायेगा ऐसे शिक्षकों तुरंत फांसी दे देनी चाहिए। सभा में मौजूद सभी लोग दिव्गंत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा।