गढ़वा : उपायुक्त राजेश कुमार पाठक के कार्यालय प्रकोष्ठ में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखते हुए समाधान की गुहार लगाई।
सर्वप्रथम जनता दरबार में ग्राम- कोलझिकी, थाना नगर उंटारी के महिला समूह की सुनीता देवी, आशा देवी, सविता देवी समेत कुल 14 महिलाओं ने उपायुक्त से कहा कि ग्राम- कोईन्दी थाना- नगर उंटारी निवासी एक व्यक्ति के द्वारा महिला समूह की प्रत्येक महिला को 90000 रुपए ऋण के रूप में उनके खाते में दिलाने का झांसा दिया गया। उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति के द्वारा पहले हम सभी महिलाओं से 3500 बीमा के रूप में जमा करने की बात कही गई।
हम सभी महिलाओं ने लालच में आकर किसी प्रकार से 3500 की दर से बीमा के रूप में तथा 150 रुपए कागजात के नाम पर; इस प्रकार प्रति महिला कुल 3650 रुपए अक्टूबर 2020 में उक्त व्यक्ति को नकद दिया। परंतु हमें अब तक किसी प्रकार का ऋण प्राप्त नहीं हुआ है तथा उक्त व्यक्ति से ऋण के विषय में पूछे जाने पर वह टालमटोल करता है तथा पैसे वापस देने से भी उसने मनाही कर दी है। ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से ऋण दिलाने के नाम पर गरीब महिलाओं से अवैध वसूली कर रहे व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनके पैसे वापस दिलाने को लेकर अनुरोध किया।
जनता दरबार में अगले फरियादी सेवानिवृत्त पंचायत सचिव, प्रखंड- चिनियां बलदेव यादव ने कहा कि मैं चिनियां प्रखंड से पंचायत सचिव के पद से दिनांक 31- 7- 2014 को सेवानिवृत्त होकर पेंशन प्राप्त कर रहा हूं।
उन्होंने बताया कि दिनांक 13-03- 2013 से मुझे कतिपय कारणों से निलंबित कर दिया गया था। तत्कालीन समय में मैं रंका प्रखंड में पदस्थापित था। मेरे विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच उप विकास आयुक्त एवं संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी रंका के द्वारा की गई व जांच में सभी आरोप झूठे प्रमाणित हुए। ऐसे में मुझे निलंबन से मुक्त कर दिया गया तथा मेरा पदस्थापन रंका से चिनियां कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मेरे निलंबन अवधि का जीवन निर्वहन भत्ता एवं वेतन आदि का भुगतान मार्च 2013 से दिसंबर 2014 तक तथा कार्यविधि का बकाया वेतन माह जनवरी 2014 से माह फरवरी 2014 तक का भी भुगतान नहीं किया गया है। इस प्रकार कुल 12 माह का मेरा बकाया वेतन का भुगतान लंबित है जबकि इसके लिए बार-बार संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी से मैं अनुरोध भी करता आया हूं।
ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से अपने बकाया वेतन का भुगतान कराने का अनुरोध किया। जनता दरबार में अगले फरियादी ग्राम- खोन्हर, टोला- अजनियां, थाना- केतार निवासी मानदेव सिंह खरवार ने उपायुक्त से अपनी समस्या कहते हुए बताया कि मेरी खतियानी भूमि के अवैध कागजात बनवाकर उस पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम गरीब आदिवासी लोग हैं, कुछ लोगों के द्वारा जबरन हमारी भूमि पर फसल उगा कर उसे बाजार में बेचा रहा है। ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से अपनी समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई।
जनता दरबार में इसके अलावा भूमि विवाद से संबंधित मामले, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की शिक्षिका के द्वारा स्थानांतरण, आर्म्स लाइसेंस निर्गत कराने, असामाजिक तत्वों के द्वारा भूमि पर जबरन कब्जा करने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, खतियान में छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से हो रहे जमीन निबंधन कार्य को रोकने, गलत आरोप लगाकर दाल भात योजना से हटाने, दैनिक मानदेय का नियमित भुगतान नहीं करने समेत अन्य से जुड़े कुल 25 आवेदन आये जिन्हें उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अग्रसरित करते हुए जल्द से जल्द उसका निष्पादन करने का निर्देश दिया।