बंशीधर नगर : उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला पर्यटन संवर्धन समिति गढ़वा से सुखलदरी जलप्रपात को पूर्व से घोषित कर्पूरी ठाकुर पर्यटन स्थल का मान्यता देने व स्थल का विकास करने की मांग किया हूं। यह बातें रविवार को चेचरिया स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री सह भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र केशरी ने कही।
श्री केशरी ने कहा कि सुखलदरी जलप्रपात अत्यंत मनोरम व प्राकृतिक स्थल है। यह चारों तरफ से वनों से आच्छादित घाटी में स्थित है। इसकी सुंदरता देख कर मन मोहित हो जाता है। जलप्रपात के नीचे काफी गहराई है। इस झरना के विशालकाय मगरमच्छ, सोस, घड़ियाल कभी-कभी धूप में बालू पर देखने को मिल जाते हैं। सर्वप्रथम वर्ष 1950 में अंबाखोरेया गांव निवासी स्व० विष्णु साव, लक्ष्मी साव, रामधनी साव, रघुराई साव, बनवारी साव, हरिहर साव आदि वहां जाकर लाई, चूड़ा, दही का आनंद लिए थे तथा आपसी सहयोग से शिव चबूतरा का निर्माण कराया था।
लक्ष्मी साव ने मन्नत मांगी की मुझे पुत्र पैदा होगा तो यहां मंदिर का निर्माण कराकर भगवान भोलेनाथ की स्थापना करुंगा। संयोग से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। पहली बार वर्ष 1959 में हमने प्रचार कर वहां मेला का आयोजन कराया। इसके बाद धीरे-धीरे वहां मकर संक्रांति के अवसर पर मेला लगना प्रारंभ हुआ जो अब वृहद रुप ले लिया है। वर्ष 1995 से 98 के बीच वहां सीढ़ी व गेस्ट हाउस का निर्माण कराया गया। उक्त स्थल के विकास के लिए 10 बिंदुओं पर अपना सुझाव उपायुक्त को दिया हूं। पर्यटन स्थल का दर्जा देने व स्थल के विकास के लिए राज्य सरकार व केंद्र सरकार को भी पत्र देकर मांग करूंगा।
मौके पर कुमार कनिष्क, मथुरा पासवान, प्रकाश चंद्र सेठी, सीताराम जायसवाल, श्रवण गुप्ता, अयोध्या यादव, सोबराती खां, सलीम अंसारी, अभय सोनी, बुच्चु प्रसाद सहित कई लोग उपस्थित थे।