बंशीधर नगर : प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सिंगल विंडो कार्यालय में शुक्रवार को दो दिवसीय कृषि चौपाल का आयोजन किया गया। कृषि चौपाल में उपस्थित किसानों को जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, चने की वैज्ञानिक खेती, टपक सिंचाई पद्धति एवं श्री विधि से गेहूं की खेती के बारे में जानकारी दी गई। कृषि चौपाल को संबोधित करते हुए प्रखंड तकनीकी प्रबंधक दयानंद पांडेय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जाए। इसके लिए सरकार द्वारा खेती के लिए नई नई तकनीक का प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है की कृषि को भी उद्योग का दर्जा प्राप्त हो ताकि कृषि के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध हो जिससे पलायन रुके।
उन्होंने कहा कि हमारी खेती तभी लाभप्रद होगी जब हम लागत खर्च में कमी लाएंगे और लागत खर्च कम करने का सबसे सरल व आसान तरीका है जैविक खेती एवं टपक सिंचाई पद्धति। इन दोनों का प्रयोग कर हम 40% खेती का लागत मूल्य घटा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें गाय आधारित खेती करनी होगी जिससे खेती का लागत मूल्य काफी कम होगा। हमारे घर के उत्पादों से ही खेती होगा। उन्होंने टपक सिंचाई पद्धति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार इस प्रणाली को लगाने में किसानों को 90% अनुदान दे रही है किसान अपने खेतों में टपक सिंचाई पद्धति लगाकर 50% से अधिक पानी की बचत करेंगे साथ ही इस पद्धति से अच्छी पैदावार भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि टपक सिंचाई पद्धति से अनावश्यक खरपतवार भी नहीं उगते जिससे मजदूरी पर होने वाले व्यय की बचत होती है।
इस मौके पर रामकेश चौधरी, मुकेश शुक्ला, शिव कुमार पासवान, आलोक पाण्डेय, बंगाली सिंह, जितेंद्र सिन्हा, सुदेश्वर विश्वकर्मा, गोपाल चंद्रवंशी, सुशील सिंह, आलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।