सगमा : प्रखंड मुख्यालय स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र सगमा में प्रसव कराने आए महिला के परिजनों द्वारा एनएम सोना कुमारी को दो हजार रुपए नहीं देने पर प्रसव के एक घंटा बाद ही एनएम सोना कुमारी द्वारा महिला को उपस्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाल कर उपस्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ कर गायब हो गई।
जानकारी अनुसार प्रखंड मुख्यालय के पुतूर गांव निवासी गोविंदा भूईया की 26 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी को प्रसव के लिए बुधवार को सुबह उपस्वास्थ्य केंद्र सगमा में भर्ती कराया गया। करीब 12 बजे दिन में पार्वती ने एक बच्चा को जन्म दिया। जन्म देने के एक घंटा बाद ही उपस्वास्थ्य केंद्र के एनएम सोना कुमारी द्वारा परिजनों से प्रसव कराने के एवज में दो हजार रुपए की मांग किया गया।
परिजनों द्वारा पैसे नहीं देने पर एनएम सोना कुमारी ने प्रसव से पीड़ित महिला को उपस्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाल कर उपस्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ कर गायब हो गई।
क्या कहते हैं परिजन
महिला के पति गोविन्दा भुईयां ने बताया कि एनएम द्वारा प्रसव कराने के एवज में दो हजार रुपए की मांग किया गया, लेकिन हमारे पास पैसा नहीं था, इसलिए पैसा नहीं दिया। जिसके बाद एनएम द्वारा उपस्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाल कर उपस्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ दिया। जब सुलाने के लिए बेड का मांग किया तो बेड भी नहीं दिया गया, जिसके बाद खुले आसमान के नीचे भूमि में सुला दिए।
ईंट भट्टा में काम करती है महिला
महिला पार्वती देवी ने अपने परिजनों के साथ सगमा निवासी मनोज दुबे के ईंट भट्टा मे काम करती है।
बुधवार को अचानक पेट में दर्द होने लगा तो परिजनों ने गांव के सहिया के सहयोग से उपस्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां पार्वती देवी ने नॉर्मल तरीके से बच्चा को जन्म दिया। लेकिन जन्म देने के एक घंटा बाद ही एनएम द्वारा महिला पार्वती देवी को उपस्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाल कर उपस्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ कर गायब हो गई।
तीन घंटे तक तड़पती रही महिला
प्रसव के एक घंटे बाद एनएम द्वारा महिला को उपस्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाल कर उपस्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ कर गायब होने के बाद से तीन घंटे तक खुले आसमान के नीचे जमीन पर पार्वती देवी पीड़ा से तड़पती रही। खबर लिखे जाने तक महिला खुले आसमान के नीचे ही पीड़ा से तड़प रही थी।
इस सम्बन्ध में एनएम सोना कुमारी ने बताया कि परिजनों द्वारा लगया गया आरोप गलत है। प्रसव कराने के बाद बाहर धुप में सुला कर हम टिका कार्यक्रम में चले गए थे, जिसके कारण उपस्वास्थ्य केंद्र में ताला जड़ दिया था।