खरौंधी : एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा प्रदेश कमेटी के आह्वान पर हेमंत सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में आंदोलन के रणनीति को लेकर प्रखंड कमेटी खरौंधी की बैठक मध्य विद्यालय खरौंधी में प्रखंड अध्यक्ष इंदल पासवान की अध्यक्षता में रविवार को किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष इंदल पासवान ने कहा कि पारा शिक्षकों ने बहुत उम्मीद व विश्वास से चुनाव में दिन रात एक कर हेमंत सरकार बनाने में सहयोग किया। लेकिन चुनाव के हर सभा में पारा शिक्षकों को स्थायी करने के घोषणा करने वाले हेमंत सोरेन आज असंवेदनशील बन गई है। जिसके कारण विवश होकर वर्ष 2021 को आंदोलन का वर्ष बनाने के लिए पारा शिक्षक मजबूर हैं। वहीं सचिव विभूति नारायण सिंह ने कहा कि हेमंत सरकार भी रघुवर सरकार की तरह पारा शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति गंभीर नहीं है।
संगठन मंत्री सुजीत कुमार ने कहा कि एक बार फिर पारा शिक्षकों को चट्टानी एकता का परिचय देते हुए जोरदार आंदोलन करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी पारा शिक्षकों से प्रदेश कमेटी के निर्देशानुसार कार्य करने की अपील किया है। अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा कि आज तक सरकार से जो भी मिला है आंदोलन के कारण ही मिला है, उन्होंने पारा शिक्षकों से अपनी ऊर्जा को समेटकर एकता के साथ सरकार से लडने को तैयार होने को कहा। जब तक सरकार हमारी मांग मान नही लेती है तब तक अंतिम लड़ाई जारी रहेगा।
प्रखंड प्रवक्ता शिवपूजन यादव ने कहा कि इस बार के आंदोलन करो या मरो के तर्ज पर होगा। प्रदेश स्तर से जो निर्णय होगा अब हम सबो को उसी तर्ज पर आंदोलन करना होगा।
बैठक में संतोष कुमार मेहता, फूलकुमारी बाखला, इंद्रमण प्रसाद यादव, भक्त विष्णु धर, राजेन्द्र सिंह, उदय गुप्ता, श्यामराज गुप्ता, नवलेश सिंह, शिवपूजन यादव, नारद राम, पंकज कुशवाहा, सुरेन्द्र मेहता, रघुवीर यादव, संजय राम, मुशन पासवान, दीपक पासवान, अरविंद दुबे सहित कई पारा शिक्षक उपस्थित थे।