खरौंधी(गढ़वा) : प्रखंड के बजरमरवा तालाब के समीप चार दिवसीय राम कथा सत्संग बुधवार को सम्पन्न हुआ। बजरमरवा में ग्रामीणों के सहयोग से चार दिवसीय राम कथा सत्संग चलाया गया। राम कथा सत्संग में डाल्टेनगंज से आये आचार्य वशिष्ठ नारायण ने भगवान राम जन्म के साथ ताडूका बध की ब्यख्या करते हुए राम कथा सुनाया। राजा दशरथ अयोध्या के राजा थे। राजा दशरथ को चौथे पन में संतान सुख कि प्राप्ति हुई थी। राजा दशरथ के चार पुत्र थे, राम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न। भगवान राम बचपन से ही आज्ञाकारी तथा धर्मात्मा थे। भगवान राम अपने माता के आज्ञा का पालन करते हुए लक्ष्मण तथा भार्या के साथ वनवास प्रस्थान किए। उन्होंने पृथ्वी पर धर्म को स्थापित करने के लिये विश्वामित्र के आग्रह पर ताडूका जैसे भयंकर राक्षसी का वध कर साधु संतों को यज्ञ हवन करने के लिए निर्भय कर दिए एवं विश्वामित्र के आज्ञा पर जनक पूरी प्रस्थान किए।
वहीं रोहतास से आए सुरेश शास्त्री विवाह कथा को सुनाया।
सत्संग में अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता, सुनील कुमार रोशन, मनोज कुमार गुप्ता, भीम यादव, नागेंद्र गुप्ता, मुकेश तिवारी, सुनरदेव यादव, रामलाल गुप्ता, मानदेव गुप्ता, अरविंद साहू उदय गुप्ता, संजय गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित थे।