गढ़वा : झारखण्ड के हेमन्त सोरेन की सरकार का एक साल का कार्यकाल पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार में अंतर लिप्त रहा है। एक साल के शासनकाल में 1500 से अधिक बलात्कार की घटना, लुट हत्या की घटना घटी है। उग्रवादी घटना दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। उक्त आरोप प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि हद तब हो गई जब इस राज्य का मुखिया हेमंत सोरेन के ऊपर बलात्कार के केस होने के बावजूद निर्लज्ता की हद पार कर के शासन में बनी हुई है। यह सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि ऐसे भ्रष्ट बलात्कारी एवं वादाखिलाफी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह सरकार एक वर्ष के अंदर कोई भी विकास काम नहीं की है, बल्कि पूर्व की रघुवर सरकार भारतीय जनता पार्टी झारखंड में थी उस सरकार के किये गए कार्य का फीता काटकर, उद्घाटन कर रही है।
यह सरकार संवेदनहीन है।
आज किसानों को 11 रुपए किलो धान बेचने के लिए मजबूर कर रही है, क्योंकि यह सरकार सरकारी धान क्रय केंद्र अभी तक नहीं खोला है। इसलिए झारखंड किसान लाचार एवं विवश हैं। यह सरकार चुनाव के समय नौजवानों को नौकरी देने का वादा किया था। बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। साथ ही साथ यह सरकार यहां के पारा शिक्षकों को नियमित करने का भी वादा किया था। यह सब वादा पूरा करने में यह सरकार विफल रही है। वर्तमान में यह सरकार केवल उगाही का काम कर रही है। सहिया एवं सेविका को 42000 रुपए प्रतिमाह देने का वादा किया था। साथ ही सहायक पुलिस कर्मी को नियमित करने का वादा किया था। हद तो तब हो गई जब अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादा में कोई एक भी वादा पूरा करना तो दूर उस पर कोई पहल नहीं कर रही है।
कहीं ना कहीं यह सरकार संवेदनहीन है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति अनुसूचित मोर्चा सदस्य जवाहर पासवान ने कहा बालू दलालों से बालू बिक्री करा कर पूरे राज्य में अवैध रूप से बालू के बिक्री करवा रही है। इतना ही नहीं हेमंत सोरेन की सरकार आज निकाय के चुनाव एवं पंचायत के चुनाव नहीं करा कर सरकारी खजाना को कमिटी बनाकर लूटने की योजना बनाई है जो गैर संवैधानिक है। केंद्र सरकार द्वारा जो पैसा राज्य सरकार को विकास के लिए दी जा रही है उस पैसा को भी यह सरकार खा जा रही है। भ्रष्टाचार चरम पर है। इसके चलते विकास के काम बंद पड़ा है। यहां वृद्धा पेंशन भी बंद है। बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। साथ ही साथ यह सरकार विकास की सारी योजना को बंद कर दिया है।
यह सरकार अपने मुँह मियां मिठू वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। यह सरकार अपना पीठ खुद थपथपा कर और अपनी प्रशंसा अपने कर रही है। यहां की जनता लाचार विवश है। इस सरकार को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। जिससे यहां की जनता के ऊपर जो सरकार के द्वारा अन्याय अत्याचार किया जा रहा है, उससे झारखंड की जनता को निजात मिल सके।
जिला महामंत्री संतोष दुबे ने कहा झारखंड मुक्ति मोर्चा चुनाव के समय में यह स्लोगन दी थी की बदलो सरकार पाओ अधिकार। लेकिन सरकार बदलने के बाद यह स्लोगन विपरीत हो गया। बदल गई सरकार, जनता के अधिकार और यहां की जनता हो गई लाचार, यही है झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार का। दूसरा स्लोगन थी, महिलाओं को देंगे अधिकार। लेकिन इस सरकार में अधिकार नहीं महिलाओं पर बढ़ गई अत्याचार और बलात्कार।
मौके पर मीडिया प्रभारी रिंकू तिवारी, राजकुमार गुप्ता उपस्थित थे।