गढ़वा : जिले के केतार प्रखंड के परती कुशवानी पंचायत में मुखिया का एक अजीब कारनामा सामने आया है। जिसमें मुखिया चंद्र देव उरांव ने 28 फरवरी 2020 को 2, 56000 की राशि से एक सड़क निर्माण की स्वीकृति दी सड़क निर्माण करने की जिम्मेवारी जानकी साहू को मिला। जानकी साह को सड़क निर्माण के लिए आदेश भी मिला। एग्रीमेंट करने के बाद जानकी साहू ने सड़क निर्माण का कुछ कार्य भी संपन्न कराया और जब भुगतान करने के लिए मुखिया के पास पहुंचे तो मुखिया श्री उरांव ने उनसे 30000 की मांग की, मुखिया को पहले पीसी के रूप में 10000 व 15000 कुल 25000 जानकी साहू के द्वारा दे भी दिया गया। मांग के अनुसार सिर्फ 5000 रु ही बाकी रहा, मगर इसके बाद भी मुखिया के द्वारा जब उन्हें सड़क निर्माण कार्य को रोकने का आदेश थमा दिया गया तो वे इसकी शिकायत करने प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास पहुंचे, बावजूद बात नहीं बनी।
ना तो सड़क निर्माण मद की राशि मिली और नहीं उक्त अधूरे सड़क के निर्माण कार्य को पूरा कराने का आदेश। लिहाजा जानकी साहू तभी से परेशान हैं। मगर उनका कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर से इसकी शिकायत की है तथा पूरे मामले की जांच कर दोषी मुखिया पर कार्रवाई की मांग किया है।
इस संबंध में मुखिया से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी प्रकार का पीसी नहीं लिया है। उन पर जानबूझकर बदनाम करने के लिए आरोप लगाया जा रहा है।