भवनाथपुर (गढ़वा) : आईएमए के आह्वान पर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ओपीडी सेवा बंद रहा। जबकि केंद्र सरकार के फैसले के समर्थन में आयुष ओपीडी सेवा चालू रहा। शुक्रवार को इनके द्वारा ओपीडी सहित इमरजेंसी सेवा में 40 मरीजों का इलाज किया गया।
बताते चलें कि शुक्रवार को अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह के जारी ओपीडी बंद रखने के लिखित आदेश के बाद अस्पताल में ओपीडी में मरीज देख रहे आयुष डॉक्टर नितेश भारती, निशंक निश्रम, अभिनीत विश्वास और जेपी ठाकुर ने बताया कि हमलोग एलोपैथ ओपीडी नहीं, बल्कि आयुष के तहत ओपीडी सेवा संचालित कर रहें हैं। चिकित्सकों ने बताया कि छ्ठी शताब्दी में महर्षि सुश्रुत के द्वारा ही ऑपरेशन शल्य चिकित्सा की शुरुआत की गई थी, और उनके द्वारा ही शल्य यंत्रों को तैयार किया गया।
इसलिए पूरी दुनियां महर्षि सुश्रुत को फादर ऑफ सर्जरी मानती है। आगे बताया कि भारत की पद्धति है और भारत में ही शुरुआत हुई। केंद्र सरकार ने हमारी पद्धति को स्वीकार करते हुए इसे सम्मान देने का काम किया। जिसके लिए हम सभी आयुष चिकित्सक केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हैं।
इस संबंध में सीएस एन के रजक ने बताया कि आईएमए के आह्वान पर पूरे देश के अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद है। उसी के तर्ज पर भवनाथपुर में भी बंद है। जबकि अस्पताल के प्रभारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आईएमए के आह्वान पर ओपीडी सेवा आज के लिये बंद है। अगर सरकार अपना निर्णय नहीं बदलती है तो आगे भी आंदोलन तेज किया जाएगा।