विश्रामपुर : सांसद बी डी राम की कोशिशों से रांची स्थित निजी अस्पताल सैम्फोर्ड अस्पताल प्रबंधन के द्वारा रोके गए इलाज के दौरान मौत हुए रिटायर्ड दलित शिक्षक सूर्यदेव राम की डेड बॉडी बुधवार तीसरे पहर रिलीज हो पाया।
किडनी और फेफड़ा रोग से ग्रसित बुजुर्ग शिक्षक सूर्यदेव राम को विगत 25 नवम्बर कोनिजी मेडिकल संस्थान सैम्फोर्ड अस्पताल रांची में भर्ती कराया गया था। मंगलवार आठ दिसबंर दोपहर में उनकी मौत हो गयी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन 1.22लाख बकाया इलाज खर्च चुकता करने के बाद ही मृतक दलित शिक्षक का डेड बॉडी रिलीज करने पड़ अड़ा हुआ था। हालांकि परिजनों ने इलाज में जमा पूंजी 4.50 लाख रुपए प्रबंधन को जमा कर चुके थे। वाबजूद परिजनों के आग्रह-निवेदन से प्रबंधन बेअसर हो बिल की बकाया दिख रही राशि भुगतान करने पर ही मृतक शिक्षक की डेड बॉडी रिलीज करने का सीधा फरमान परिजनों को सुनाया।
इसके बाद लाचार शिक्षक की विश्रामपुर नप की वरीय पार्षद रही पुत्री पूनम देवी व उनके भाजपाई पति विजय रवि ने अपनी ब्यथा सांसद प्रतिनिधि अनुज कुमार पांडेय को सुनाकर यथोचित मदद का आग्रह किया। इसके बाद प्रतिनिधि अनुज पांडेय ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
बात नहीं बनते देख हुसैनाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद सांसद बी डी राम को अनुज कुमार पांडेय ने स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद सांसद ने सीएम हेमंत सोरेन से संपर्क साधा। उन्होंने सीएम से निजी अस्पतालों की अमानवीय करतूत पर कड़े कदम उठाने का आग्रह करते हुए तत्काल मृत शिक्षक का डेड बॉडी रिलीज कराने का आग्रह किया।
इसके बाद कहीं जाकर 24 घण्टे बाद बुधवार तीसरे पहर अस्पताल प्रबंधन ने पार्थिव शरीर परिजन को सौंपा।
बताते चलें कि विगत 25 नवम्बर को इसी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़नेवाले नावाबाजार प्रखंड के कुंभीकला पंचायत के उपमुखिया शिवचंद यादव का पार्थिव शरीर 24 घण्टे बाद सूबे के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के द्वारा स्वयं बकाया बिल की राशि वहन करने के बाद डेड बॉडी प्रबंधन ने रिलीज करने पर राजी हुए थे।