सगमा : सरकार द्वारा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत सभी गांव मुहल्ले के घरों में विद्युतीकरण करने के दावे बिफल साबित हो रहे हैं, जिसका ताजा मिसाल सगमा प्रखंड मुख्यालय के विभिन्न गांव मोहल्लों में देखकर लगाया जा सकता है। प्रखंड मुख्यालय के कई ऐसी गांव मोहल्ले हैं, जहां पर आजादी से लेकर आज तक बिजली नसीब नहीं हुआ। आज भी वहां के लोग दीये, ढीबरी के सहारे अपना जीवन बसर कर रहे हैं।
प्रखंड मुख्यालय के सगमा गांव के चतुरी नाला, दोवरवा टोला, सेन्धा, पुत्तुर गांव के हराया टोला, कुशवाहा टोला, झुनका आदि गांव में तो राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत पिछले 1 वर्ष पूर्व ही तार पोल वह ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण उक्त ट्रांसफार्मर को अभी तक चालू नहीं किया गया।
जबकि पुत्तुर गांव के हराया टोला, कुशवाहा टोला में सिर्फ ट्रांसफार्मर लगाकर छोड़ दिया गया है, जिसके कारण इन गांव, मोहल्ले के लोग आज भी दीया-ढीबरी के सहारे जीवन बसर करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण ताराचंद यादव, मनोहर विश्वकर्मा, सुरेश पासवान, गंगा राम, सुमंत कुमार यादव, विजय पासवान, बंधु पासवान, उपेंद्र पासवान, लालू भुइँया, सुरेंद्र पासवान, महेंद्र पासवान, उपेंद्र पासवान आदि लोगों ने बताया कि इस टोले में 9 माह पूर्व राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत ट्रांसफार्मर लगाया गया है, लेकिन ट्रांसफार्मर के अलावे विभाग द्वारा अभी तक इस टोले में तार पोल उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण इस टोले में जीवन यापन करने वाले 50 घर के लोग आज भी दीया, ढीबरी के सहारे जीवन बसर कर रहे हैं।
इस टोले में लाइट चालू कराने के लिए कई मर्तबा जनप्रतिनिधियों व विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन अभी तक लाइन चालू कराने की तनिक भी पहल नहीं किया गया। जबकि अन्य टोली में तार, पोल, ट्रांसफार्मर लगाकर छोड़ दिया गया है। इन ट्रांसफार्मरों को चालू नहीं करने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस सम्बन्ध में बिजली विभाग के एसडीओ सुभाष प्रसाद यादव ने बताया कि जिस गांव मोहल्ले में ट्रांसफार्मर चालू नहीं हुआ है, वहां के लाभुक विभाग कार्यालय में आवेदन दे उसके बाद सोचा जाएगा।