गढ़वा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सदर प्रखंड के तिवारी मरहटिया गांव में शुक्रवार को विधिक सशक्तिकरण पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में डायन प्रथा बाल विवाह बाल मजदूरी कोरोना महामारी आदि को लेकर लोगों को जागरूक किया गया
मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शब्द सिंधु नाथ लमये, विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थाई लोक अदालत के सदस्य राकेश कुमार त्रिपाठी व मुखिया प्रतिनिधि बदरुद्दीन अंसारी थे।
कार्यक्रम का संचालन पीएलबी मुरली श्याम तिवारी ने किया। शिविर में श्रम विभाग के सहयोग से एवं झारखंड भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से निबंधित दुबे मरहटिया और परिहारा पंचायत के 239 महिला पुरुष मजदूरों को वस्त्र प्रदान किया गया।
इसमें 121 महिलाओं को साड़ी तथा 118 पुरुषों को पैंट शर्ट दिया गया। जबकि दुबे मरहटिया पंचायत की 11 लाभुकों को नया राशन कार्ड भी दिया गया।
शिविर में डीएलएसए सचिव ने कहा कि व्यक्तिगत सामाजिक व मुकदमों से संबंधित किसी भी समस्या को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार में बेझिझक आ सकते हैं। उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता मिलेगी। उन्होंने बाल विवाह को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की तथा 21 वर्ष से कम उम्र के लड़का का विवाह करना गैर कानूनी है और कानूनी अपराध भी है। बाल विवाह कराने वाले माता-पिता पंडित या मौलवी के साथ ही बारात में किसी भी रूप में शामिल होने वाले व्यक्ति बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दंड का भागीदार है।
मौके पर स्थाई लोक अदालत के सदस्य राकेश कुमार त्रिपाठी ने स्थाई लोक अदालत के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक, बिजली ट्रांसपोर्ट आदि से संबंधित समस्याओं का स्थाई लोक अदालत में बिना खर्च का त्वरित निष्पादन होता है। डायन प्रथा को लेकर लोगो को सचेत करते हुए कहा कि यह अंधविश्वास है। समाज की कमजोर व विधवा महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से डायन प्रथा बालविवाह जैसी कुरूतियो को लेकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। शिविर में वार्ड सदस्य हृदयानंद तिवारी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए धन्यवाद ज्ञापन जय प्रकाश चौधरी ने किया।

मौके पर पीएलवी सूर्यदेव चौधरी, राकेश चौधरी पूर्व सैनिक रामकृष्ण तिवारी, गोरख नाथ तिवारी, बीडीसी शांति रंजन तिवारी, विनोद तिवारी समेत कई लोग उपस्थित थे।