गढ़वा : विराट हिन्दू सम्मेलन के अवसर पर पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा (गढ़वा, झारखण्ड) की कला साधिका संध्या सुमन ने अपने प्रभावशाली दण्ड चालन व तलवारबाजी रूपी शौर्य प्रदर्शन से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साहस, आत्मविश्वास और सशक्त प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। दर्शकों ने तालियों गड़गड़ाहट व विजय उदघोष के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
अधिवक्ताद्वय संगीता कुमारी एवं अमोद कुमार सिन्हा की सुपुत्री सुश्री संध्या सुमन बचपन से ही कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं।
इस अवसर पर संध्या सुमन ने कहा“मुझे मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला, यह मेरे लिए गर्व की बात है। मैं अपने माता-पिता, गुरुओं और पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच के निदेशक नीरज श्रीधर 'स्वर्गीय' के प्रति आभारी हूँ, जिनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से मुझे यह अवसर मिला। भविष्य में भी मैं कला और शौर्य प्रदर्शन के माध्यम से समाज और संस्कृति की सेवा करती रहूँगी।”
कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के झारखण्ड प्रांत के कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने कहा“हमारा प्रयास रहता है कि ग्रामीण और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उनकी क्षमता को निखारा जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच के माध्यम से निरंतर सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, ताकि नई पीढ़ी अपनी परंपरा, संस्कृति और शौर्य की भावना से जुड़ी रहे।
संध्या सुमन के इस प्रभावशाली प्रदर्शन से उपस्थित लोगों में उत्साह और गर्व का वातावरण देखा गया तथा सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।