बड़ा सवाल, कैसे होगी दो जिंदगियों की परवरिश
मामला केतार थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को प्रेम-प्रसंग में घर से भगा ले जाने का
गढ़वा : मेदिनीनगर स्थित बालिका गृह में रखी गई केतार थाना क्षेत्र के एक गांव की गर्भवती नाबालिग बच्ची ने शनिवार की रात पलामू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शनिवार की देर रात एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
16 वर्षीया नाबालिग बच्ची को शनिवार की देर शाम तबियत बिगड़ने पर बालिका गृह से पीएमसीएच ले जाया गया था। बताते चलें कि केतार थाना क्षेत्र के एक गांव की उक्त नाबालिग बच्ची के पिता का पहले ही निधन हाे गया था। वह मां के साथ रहती थी। उसे पड़ोस का एक युवक बहला फुसलाकर दिल्ली ले गया था।
इस दौरान उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था। उस दौरान वह गर्भवती हो गई थी। युवक उससे शादी के नाम पर भरमाते रहता था तथा उसे धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव देता था। बाद में उस युवक ने नाबालिग लड़की को दिल्ली से घर जाने के लिए एक्सप्रेस में बिठा दिया। 29 नवंबर 2019 को वह घर लौटी तो उसकी मां भी घर में तालाबंद कर कहीं चली गई थी। इसके पश्चात वह भगाकर ले जाने वाले युवक के घर जाकर उसके मां - बाप को पूरी कहानी बताकर उनके घर में शरण मांगा था। लेकिन लड़के का परिजन उसे घर में रखने से इंकार कर दिया।
इसकी जानकारी भवनाथपुर चाइल्डलाइन के माध्यम से सीडब्ल्यूसी को मिली तो बच्ची को सीएनसीपी घोषित कर उसे बालिका गृह मेदिनीनगर में भेज दिया गया। तब मेडिकल जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की बात सामने आयी थी।
लेकिन नाबालिग बच्ची ने गर्भपात कराने से इंकार कर दिया था। इस मामले में डीएलएसए सचिव के प्रयास से दो माह बाद 29 जनवरी 2020 को नाबालिग लड़की को हवस का शिकार बनाने वाले युवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इधर बच्ची के सुरक्षित प्रसव पर सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष उपेंद्रनाथ दूबे ने उसे बहादुर बेटी बताते हुए कहा कि सहयोग के लिए पीएमसीएच के चिकित्सक, सिविल सर्जन मेदिनीनगर तथा डीएसडब्ल्यूओ के सहयोग की सराहना की है। उन्होंने कहा की गढ़वा जिला प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिल सका है। बच्ची को आर्थिक सहयोग भी नहीं मिला है। अब तक अपनी जिंदगी की गाड़ी को संघर्ष कर खींच रही नाबालिग के साथ ही एक और नन्हा जीवन के परवरिश व रक्षा का सवाल उठ खड़ा हुआ है।