कांडी : जिला के न्यायिक पदाधिकारियों ने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सतबहिनी स्थित नौ मंदिरों की श्रृंखला में सभी देव शक्तियों का दर्शन एवं नमन किया। उन्होंने सतबहिनी झरना तीर्थ को बहुत ही रमणीक एवं सुंदर पर्यटन स्थल बताया। कहा कि इसके और बेहतर विकास की संभावना है। न्यायिक पदाधिकारियों यथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार विपुल व व्यवहार न्यायालय के नाजिर दीपक कुमार सिन्हा आदि ने सतबहिनी भगवती माता महादुर्गा, महाकाली एवं महालक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना की एवं नारियल फोड़ा। उन्होंने भगवान भास्कर, बजरंगबली, भैरवनाथ, साक्षी गणेश, भगवान शिव, नंदी महाराज आदि के मंदिरों का दर्शन व वंदन किया।
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उन्होंने मनोरम झरना के साथ इस स्थल पर किए गए विभिन्न निर्माण एवं वृक्षारोपण की सराहना की।
कहा कि सतबहिनी झरना तीर्थ बहुत ही सुंदर एवं रमणीक पर्यटन स्थल है। अधिक संख्या में पौधारोपण किए जाने की जरूरत है। तब यहां की शोभा में चार चांद लग जाएगा। इस स्थल से सनातन धर्म का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जा सकता है। इस दौरान व्यवहार न्यायालय गढ़वा के प्रोसेस सर्वर महेंद्र पासवान, चालक अजय कुमार सिंह व बॉडीगार्ड दुर्गेश पांडेय भी उपस्थित थे। न्यायिक पदाधिकारी एवं मौके पर मौजूद समिति के लोगों ने प्रसाद ग्रहण करने के बाद जलपान किया। मौके पर जिला से आई पुलिस बल के साथ-साथ कांडी एवं माझिआंव थाना के थाना प्रभारी सदल बल उपस्थित थे।
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जबकि मां सतबहनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के सचिव पंडित मुरलीधर मिश्र ने इस स्थल की प्राचीनता एवं नवीनता पर प्रकाश डाला। उन्होंने समिति के द्वारा व्यापक जन सहयोग से किए गए विकास कार्यों की भी जानकारी दी।
मौके पर संत हरिदास जी, कांडी थाना प्रभारी गुलशन कुमार गौतम, समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, अखिलेश सिंह, सुदर्शन तिवारी, गोरखनाथ सिंह, वैद्यनाथ पांडेय, मुखिया पांडेय, निरंजन सिंह, सुखदेव साव, देवी दयाल राम, उपेंद्रनाथ तिवारी, रघुनंदन राम, शंभू प्रसाद गुप्ता, सतीश चंद्र पांडेय सहित कई लोग उपस्थित थे।