नोडल पदाधिकारी, स्वीप कोषांग ने सार्वजनिक/निजी प्रतिष्ठानों/संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक कर मतदान प्रतिशत बढ़ाने का किया अपील
● जिले के प्रतिष्ठानों एवं संस्थानो के नियोजकों को कार्यरत कर्मियों से शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कराने की कही बात
● प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों को 13 नवम्बर को मतदान के दिन पेड लिव देने की कही बात
गढ़वा : आगामी विधानसभा आम चुनाव 2024 को लेकर स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी) कोषांग गढ़वा द्वारा गुरुवार को मतदाता एवं ईवीएम-वीवीपीएटी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वीप के नोडल पदाधिकारी प्रमेश कुशवाहा ने की। कार्यक्रम में पेंशनर कल्याण समाज के अध्यक्ष, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष, गढ़वा जिले के विभिन्न मॉल, रेस्टोरेंट, होटलों, डिपार्टमेंटल स्टोर्स एवं प्रतिष्ठानों के संचालकों की उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान नोडल पदाधिकारी ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों से शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान दिवस 13 नवंबर 2024 को अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों को *वेतन सहित अवकाश* (पेड लीव) दें, ताकि वे मतदान में भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कम देखा गया है, और इसका एक मुख्य कारण यह हो सकता है कि कार्यरत कर्मी मतदान दिवस पर वोट डालने से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश दिया गया है कि मतदान दिवस पर सभी कर्मियों को पेड लीव दी जाए, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिष्ठान संचालकों को अपने कर्मियों को मतदान दिवस पर पेड लीव देने के निर्देश दिए गए।
साथ ही मतदाता शपथ पत्र दिलवाया गया और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर-बैनर भी वितरित किए गए।
नोडल पदाधिकारी ने 10 या अधिक कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों में वोटर अवेयरनेस फॉर्म (मतदाता जागरूकता समूह) गठित करने की बात भी कही। साथ ही, उन्होंने मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए *स्लोगन* और *सेल्फी प्वाइंट* जैसी गतिविधियों को अपनाने पर जोर दिया। सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाने और स्वीप सेल गढ़वा के व्हाट्सएप समूह से जुड़कर गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो साझा करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपीएटी (मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट ट्रेल) की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
साथ ही, निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित सहायक ऐप्स जैसे सी-विजिल ऐप, वोटर हेल्पलाइन ऐप और सक्षम ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम में प्रभारी पदाधिकारी विमलेश शुक्ला, नीलम कुमारी, परियोजना अर्थशास्त्री क्षमा प्रिया, परियोजना पदाधिकारी सिया जानकी, सहायक परियोजना पदाधिकारी विकास कुमार वर्मा, पेंशनर कल्याण समाज के अध्यक्ष के.के. यादव और एलडीसी नेहा नूतन लकड़ा समेत अन्य संबंधित अधिकारी और प्रतिष्ठान संचालक शामिल हुए।
इस दौरान सभी से अपील की गई कि वे लोगों को जागरूक करें कि जाति, धर्म या समुदाय से प्रभावित हुए बिना नैतिक मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।