भवनाथपुर : नेशनल ग्रीन ट्रीब्युनल (एनजीटी) के द्वारा 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू उठाव पर रोक के बावजूद भवनाथपुर के एकलौता ढाढरा नदी से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और बालू का ढुलाई जोरो पर है।
बालू माफिया स्थानीय प्रशासन को खुल्लेआम चुनौती देते हुए बेखौफ होकर भवनाथपुर के असनाबांध और बरवारी के ढाढरा नदी से बालू का अवैध उत्खनन कर कोरवाटोली मध्य विद्यालय के आस पास, जंगलों में तथा मुख्य पथ के किनारे सैकड़ों ट्रैक्टर बालू डंप कर ऊंची कीमत पर बेच रहे है।
इसकी जानकारी अंचल कार्यालय एवं स्थानीय प्रशासन को होने के बाद भी जवाबदेह पदाधिकारी मुकदर्शक बनी हुई है। बालू माफियाओं द्वारा ढाढरा नदी का दोहन किए जाने से नदी अपनी अस्मिता की रक्षा की गुहार लगा रही है, लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन और ना ही अंचल पदाधिकारी को ही इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है।
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अपनी अस्मिता की रक्षा की गुहार लगा रही ढाढरा नदी :
प्रखंड के असनाबांध, बरवारी होते हुए कलकल बहने वाली भवनाथपुर की एकलौता ढाढरा नदी में कभी सालो भर पानी बहते रहती थी, लेकिन पिछले चार पांच वर्षो के दौरान बालू माफियाओं ने नदी की अस्तित्व को छिन्न भिन्न कर बड़े पैमाने पर नदी से बालू का अवैध उत्खनन कर नदी की अस्मिता को लूटने पर तुले हुए है। बालू माफिया शाम ढलते ही अंधेरे में ढाढरा नदी में पहुंचकर बालू के उत्खनन शुरू करते है और सुबह होते तक आस पास के जंगलो में पड़े पमाने पर बालू डंप कर रखा है। रात में बालू उठाव करने के बाद बालू माफिया आसपास इलाकों में तीन से पांच ट्रैक्टर बालू की बिक्री कर रहे हैं। बालू माफियाओं की इस कारनामे की जानकारी संबंधित विभाग को होने के बावजूद बालू माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने में उदासीन बनी हुई है।
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इस संबंध में सीओ आफताब आलम ने कहा कि कुछ दिन पहले ही भवनाथपुर में योगदान दिए हैं। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, जांचोंपरांत कार्रवाई करेंगे।