कांडी : एक बेहद गरीब व्यक्ति का जर्जर व बदहाल मकान कभी भी परिजनों की जीवित समाधि में बदल सकता है। क्योंकि एक कमरा का यह जर्जर मकान काल बनकर खड़ा है और इसी में रहना इनकी मजबूरी है। क्योंकि इसके अलावा इनका कोई और ठिकाना नहीं है। ऐसी हालत भानू देवी पति सत्येंद्र शुक्ला की है। जो कांडी प्रखंड अंतर्गत शिवपुर पंचायत के मंड़रा गांव निवासी हैं।
इस दंपति के पुत्र दीपक शुक्ला ने गढ़वा जिला के उप विकास आयुक्त को आवेदन सौंपकर अपनी व्यथा बयान की है। इन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए कई आम सभाओं व सरकार आपके द्वार में आवेदन दिया है। सूची में नाम लिखवाया है। लेकिन कभी इनके आवास की स्वीकृति नहीं दी गई। इस वर्ष अबुआ आवास के लिए भी आवेदन दिया है।
लेकिन उनकी मां के नाम ले अबुआ आवास की स्वीकृति नहीं दी गई।
दीपक ने डीडीसी से कहा है कि बरसात उनलोगों के लिए काल बनकर आएगा। भारी बरसात करने पर उनके परिजनों का असमय काल कवलित होना तय है। ऐसी विपदा को देखते हुए अबुआ आवास की स्वीकृति की गुहार लगाई है।