गढ़वा : आरकेवीएस के सभागार में सीबीएसई के दिशा निर्देशानुसार शिक्षकों के लिए पांचवीं इनहाउस कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला में सीबीएसई के दिशा निर्देशानुसार ऑफलाइन ट्रेनिंग के लिए आर के ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत संचालित सभी स्कूल आरकेपीएस गढ़वा श्रीबंशीधर नगर,उँचरी(मंझिआंव) और हूर के शिक्षक-शिक्षिकाएँ सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ आर के ट्रस्ट के चेयरमैन सह शिक्षाविद् अलखनाथ पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर एवं ज्ञान की देवी मां सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर के किया।उन्होंने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को कार्यशाला में बताये गये बातों का अनुसरण करने की बात कही।निदेशक ने अपने संबोधन में उपस्थित सभी शिक्षकों से कहा कि इस सेशन का यह पांचवां इनहाउस ट्रेनिंग है।
इससे पहले एनईपी 2020, हेल्थ एंड वेलनेस, हैप्पी क्लाशरुम और लाइफ स्किल्स पर चार कार्यशालाएं आयोजित हो चुकी हैं।उन्होंने आज के विषय 'प्रभावी शिक्षण' पर उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को कहा कि ब्लैक बोर्ड का कोई विकल्प नहीं है,सिर्फ समय समय पर इसका रंग परिवर्तन हुआ है।शिक्षक को इसका प्रयोग करने पर जोर देना चाहिए।क्लाशरुम शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए एक युद्ध का मैदान है जहां उन्हें अज्ञानता, अनुशासनहीनता, अनैतिक मूल्यों जैसी बातों के विरुद्ध लड़ाई लड़कर एक अच्छे विद्यार्थी का निर्माण करना है जिससे कि एक स्वस्थ समाज और राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। सीखने-सिखाने की प्रक्रिया अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है।आज भी हम सीखने ही आए हैं।
शिक्षक समाज और देश का निर्माता होते हैं।उन्हें अपने कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करना चाहिए।आज हमें मूल्य आधारित शिक्षण जिसमें की व्यावहारिकता,संस्कार, नैतिकता, सदाचार पर जोर देने की जरुरत है।शिक्षण पद्धति में शिक्षण सामग्री का प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने समय के सदुपयोग,अनुशासन और समय के पाबंद पर विशेष ध्यान आकर्षित किया।शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक को स्वंय पढ़ने और लेशन प्लान के साथ शिक्षण करने की बात भी कही। शिक्षकों को बच्चों की सही जानकारी होनी चाहिए।उनके अभिभावकों के साथ समय- समय पर वार्तालाप कर के साकारात्मक सुधार लाया जा सकता है। संबोधन के अंत में उपस्थित सभी लोगों को नये वर्ष की शुभकामना देते हुए अपने कार्यों और उत्तरदायित्वों को ईमानदारी के साथ निर्वहन करने की बात कही।
कार्यशाला का विषय 'इफेक्टिव टीचिंग' की चर्चा करने और विस्तार से हर बातों को साझा करने के लिए साधनसेवी के रुप में आरकेपीएस गढ़वा से शिक्षक दिलीप सिंह,एसडी सिंह,सनोज यादव व शिक्षिका अभिलाषा थी।कार्यशाला में शिक्षण को प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलूओं पर विचार रखे गये।कार्यशाला को प्रभावी बनाने के लिए प्रोजेक्टर व स्लाइड का प्रयोग किया गया।कार्यशाला में विषय आधारित एक्टिवीटी भी कराया गया।विभिन्न प्रकार के शिक्षण पद्धतियों और उसके क्रियान्वयन पर साधनसेवियों के द्वारा विचार रखे गये।इस अवसर पर प्राचार्य संतोष पाण्डेय,एलके ओझा,अनुप कुमार पाण्डेय, प्रशासनिक इंचार्ज प्रमोद कुमार झा,एसटीएनसी राजकुमार,प्रशिक्षण समन्वयक शहेला खान के साथ साथ सभी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित थे।