भवनाथपुर :
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचयतो में जहाँ हठी लाभुकों के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना अधर में लटकी हुई है, वहीँ प्रखंड के एक पंचायत ऐसा भी है, जहाँ उक्त पंचायत के सचिव अजीत कुमार सिंह के पहल पर अब तक 1203 पीएम आवास को पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 87 लंबित व अधूरे पीएम आवास के लाभुकों द्वारा अपने अपने आवास को पूर्ण करने की दिशा में रेस हो गए है। जानते चले कि प्रखंड क्षेत्र के बनसानी पंचायत में जरूरतमंद परिवारो को वित्तीय वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 1290 प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ था, जिसमे ज्यादातर लाभुकों द्वारा प्रधानमंत्री आवास को ससमय पूर्ण कर लिया गया, जबकि कई ऐसे हठी लाभुक थे, जो आवास योजना का पहला किस्त की राशि लेने के बाद भी कार्य प्रारंभ नही करा पाये थे।
लंबित व अधूरे पड़े पीएम आवास को अविलंब पूर्ण कराने संबंधी जिला प्रशासन की कड़ी निर्देश के बाद भवनाथपुर प्रखंड प्रशासन रेस हो गया। बनसानी पंचायत सचिव अजीत सिंह और पंचायत के मुखिया पति राजेश्वर पासवान के द्वारा लंबित और अधूरे पड़े पीएम आवास के लाभुके के घर घर पहुंचकर तथा उन्हें जागरूक करते हुए आवास को पूर्ण करने को प्रेरित किया। उनकी पहल पर अमल करते हुए पीएम आवास योजना के लाभुकों ने आवास को पूर्ण करने की दिशा में लग गये है। जबकि प्रखंड के कई ऐसे पंचायत है, जहाँ पीएम आवास योजना के लाभुक एक दो वर्ष पूर्व आवास का प्रथम किस्त लेने के बाद भी कार्य प्रारम्भ नही कर सके है।
प्रखंड अंतर्गत चपरी पंचायत में सम्बन्धित विभाग के कर्मियों व दलालों के मिलीभगत से कई ऐसे जरूरतमंद महिला पुरुष जो सरकार द्वारा मिलने वाली वृद्धा व दिव्यांगता पेंशन पाने के लिए प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक अपनी गुहार लगाते रहे और पेंशन का लाभ लिए बिना ही वें इस दुनिया स्वर्ग सिधार गए ।
लेकिन इसके विपरीत उसी पंचायत में वृद्धावस्था के 40 और दिव्यांग पेंशन योजना के 11 सहीत कुल 51 ऐसे लोग है, जो वृद्धा व दिव्यांगता पेंशन की पात्रता व अहर्ता पूरी नही करने के बावजूद फर्जी ढंग से पिछले छः सात वर्षो से लगातार सरकार द्वारा मिलने वाली पेंशन की राशि का लाभ उठा रहे है। पेंशन का लाभ लेने वाले ऐसे फर्जी और अयोग्य व्यक्तियों के कारण बीपीएल सूची में नाम होने के बाद भी जरुरतमंद वृद्ध और दिव्यांग लोग पेंशन का लाभ लेने से वंचित रह जा रहे है। फर्जी तरीके से वृद्धा व दिव्यांगता पेंशन पाने वाले अयोग्य व्यक्तियों का सूची से नाम काटने को लेकर पंचायत के कई लोगो द्वारा बीडीओ को लिखित आवेदन देने के बावजूद प्रखंड प्रशासन द्वारा फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ उठा रहे फर्जी लाभुकों के विरुद्ध बिना कोई कार्रवाई किये ही मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता रहा है।
*वृद्धा व दिव्यांगता पेंशन पाने की क्या है, प्रावधान*
जानकारी के अनुसार चपरी पंचायत में वृद्धावस्था पेंशन योजना जरुरतमंद बुजुर्गों के लिए मील का पत्थर साबित रहा है। बीपीएल परिवार के बुजुर्गो के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत सभी आहर्ता पूरा करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति लाभ ले सकते हैं। इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का नाम बीपीएल सूची में होना अनिवार्य है। वहीँ दिव्यांगता पेंशन योजना के तहत जो महिला, पुरुष शरीर से 80 फीसदी से अधिक दिव्यांग है, उन्हें चिकित्सको द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत होने के बाद ही वें दिव्यांगता पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकते है।
परन्तु इस पँचायत में सभी नियमों को ताक पर रखते हुए 40 बर्ष के आसपास व बिना दिब्यनगता के फर्जी सर्टिफिटेक के माध्यम से लोग लाभ ले रहे है ।
इस सम्बंध में पँचायत के मुखिया सेलेस चौबे ने बताया कि हमारे कार्यकाल के पूर्व का मामला है हालांकि सूचना मिलने पर मैने पूर्व के बीडीओ जयपाल महतो को सूचित किया था ।
इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ नंदजी राम ने कहा कि इसकी मुझे जानकारी नही थी, अगर आवेदन दिया गया है, तो कमिटी का गठन कर मामले की जाँच कराई जायेगी, और फर्जी तरीके से पेंशन लेने वालो का नाम काटकर जरुरतमंद व्यक्तियों का जोड़ा जायेगा।